28 May 2026, Thu

छत से गिरने से फेमस डायरेक्टर अनिक दत्ता की मौत, हादसा या खुदकुशी? सुसाइड नोट मिलने के बाद जांच में जुटी पुलिस

बंगाली फिल्म उद्योग से एक दुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और निर्माता अनीक दत्ता का बुधवार को कोलकाता में निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह एक मकान की छत से गिर गए थे, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनके निधन की खबर से बंगाली सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों एवं प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना कोलकाता के गरियाहाट इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि अनीक दत्ता अपनी पत्नी के आवास पर मौजूद थे, जहां अचानक छत से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद उन्हें ढाकुरिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस ने इस नोट को हैंडराइटिंग विशेषज्ञों के पास भेजा है ताकि उसकी सत्यता की पुष्टि की जा सके। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह आत्महत्या का मामला है या कोई दुर्घटना।

सूत्रों के अनुसार, अनीक दत्ता की बेटी विदेश में रहती हैं और उनके कोलकाता पहुंचने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

अनीक दत्ता बंगाली सिनेमा के उन निर्देशकों में गिने जाते थे जिन्होंने अपनी अलग शैली और विषयों के चयन के कारण खास पहचान बनाई। उन्होंने अपने निर्देशन करियर की शुरुआत चर्चित फिल्म ‘भूतेर भबिश्यत’ से की थी। यह फिल्म समाज, राजनीति और शहरी बदलावों पर आधारित एक व्यंग्यात्मक प्रस्तुति थी, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने खूब सराहा था। फिल्म आज भी बंगाली सिनेमा की यादगार फिल्मों में गिनी जाती है।

अपने करियर में अनीक दत्ता ने कई उल्लेखनीय फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘आश्चर्य प्रदीप’, ‘मेघनाद बध रहस्य’, ‘भबिश्यतेर भूत’, ‘बोरुनबाबुर बंधु’ और ‘अपराजितो’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। उनकी फिल्मों की खासियत सामाजिक मुद्दों पर तीखी टिप्पणी, व्यंग्य और मनोरंजन का संतुलित मिश्रण रही है।

अनीक दत्ता पर महान फिल्मकार सत्यजीत रे का गहरा प्रभाव माना जाता था। उनकी फिल्मों में कहानी कहने की शैली, सामाजिक अवलोकन और पात्रों की गहराई में इस प्रभाव की झलक साफ दिखाई देती थी। हालांकि उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान भी बनाई और बंगाली सिनेमा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उनकी आखिरी रिलीज फिल्म ‘जतो कांडो कोलकातातेई’ थी, जिसे दर्शकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी। फिल्म जगत के कई कलाकारों ने अनीक दत्ता के निधन को बंगाली सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, अनीक दत्ता के प्रशंसक और फिल्म जगत उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनके जाने से बंगाली सिनेमा ने एक ऐसा फिल्मकार खो दिया है, जिसने अपनी रचनात्मकता और साहसिक विषयों के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी।

 

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