20 Oct 2026, Tue

टेलीकॉम बाजार में 14वें नंबर पर प्रवेश करने से लेकर मार्केट लीडर बनने तक, जियो का भारत का टेक पावरहाउस बनने तक का सफर

भारत के टेलीकॉम सेक्टर में पिछले एक दशक के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक समय मोबाइल डेटा महंगा होने और सीमित उपलब्धता के कारण इंटरनेट का इस्तेमाल करना कई लोगों के लिए मुश्किल था, लेकिन किफायती डेटा और डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने तस्वीर बदल दी है। इस बदलाव में जियो की भूमिका अहम रही है। साल 2016 में बाजार में प्रवेश करने वाली कंपनी अब देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में शामिल है और ग्राहकों की संख्या के मामले में अग्रणी स्थान पर पहुंच चुकी है।

फ्री कॉलिंग और सस्ते डेटा से बदली बाजार की तस्वीर

जियो ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में प्रवेश के समय मुफ्त वॉइस कॉलिंग और कम कीमत वाले डेटा प्लान पेश किए थे। इस रणनीति ने दूसरी कंपनियों पर भी अपनी सेवाओं की कीमतें कम करने का दबाव बनाया। इसके परिणामस्वरूप मोबाइल इंटरनेट आम लोगों के लिए पहले की तुलना में अधिक सुलभ हुआ।

कंपनी से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, बाजार में इसकी शुरुआत के समय मोबाइल डेटा की कीमत लगभग 228 रुपये प्रति जीबी थी, जो अब घटकर करीब 4.90 रुपये प्रति जीबी रह गई है। वहीं, एक ग्राहक का औसत मासिक डेटा इस्तेमाल बढ़कर लगभग 43.7 जीबी तक पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि भारत में इंटरनेट की खपत और डिजिटल सेवाओं का उपयोग कितनी तेजी से बढ़ा है।

53 करोड़ से अधिक ग्राहकों का आंकड़ा

30 जून 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जियो के कुल ग्राहकों की संख्या 533.3 मिलियन यानी लगभग 53.33 करोड़ थी। इनमें 284.9 मिलियन यानी करीब 28.49 करोड़ ग्राहक 5G सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे।

कंपनी के पास भारत के वायरलेस ब्रॉडबैंड ग्राहक बाजार का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा होने का दावा किया गया है। इसके नेटवर्क पर देश के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भी दर्ज किया गया है। ये आंकड़े कंपनी की व्यापक पहुंच और मोबाइल इंटरनेट क्षेत्र में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं।

ब्रॉडबैंड और 5G में भी मजबूत पकड़

कंपनी की वृद्धि केवल मोबाइल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में भी इसने अपनी स्थिति मजबूत की है। वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, इसके पास 27.1 मिलियन यानी लगभग 2.71 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक थे और इस क्षेत्र में इसकी बाजार हिस्सेदारी 42.60 प्रतिशत बताई गई।

वहीं, इसी अवधि में भारती एयरटेल की फिक्स्ड ब्रॉडबैंड बाजार हिस्सेदारी 22.71 प्रतिशत थी। 5G और अल्ट्रा ब्रॉडबैंड आधारित फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेगमेंट में जियो की हिस्सेदारी 77.49 प्रतिशत बताई गई है। इससे घरों और कारोबारों तक वायरलेस इंटरनेट पहुंचाने के क्षेत्र में इसकी मजबूत मौजूदगी का संकेत मिलता है।

डिजिटल भारत के विस्तार में अहम भूमिका

कंपनी के नेतृत्व ने डिजिटल तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने को अपने प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया है। कंपनी से जुड़े एक कार्यक्रम में यह विचार सामने आया कि भारत को डिजिटल क्षेत्र में पीछे नहीं रहना चाहिए और देश में तकनीक आधारित सेवाओं का विस्तार होना चाहिए।

साल 2016 में भारतीय टेलीकॉम बाजार में लगभग 14 ऑपरेटरों की मौजूदगी थी, जबकि अब यह बाजार कुछ प्रमुख कंपनियों के बीच केंद्रित हो गया है। इस बदलाव ने प्रतिस्पर्धा, कीमतों और सेवाओं के स्वरूप को प्रभावित किया है।

कुल मिलाकर, सस्ते डेटा, 5G नेटवर्क और ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार ने जियो को भारतीय टेलीकॉम बाजार में मजबूत स्थान दिलाया है। हालांकि, भविष्य में ग्राहकों को बेहतर सेवाएं, नेटवर्क की गुणवत्ता और किफायती प्लान उपलब्ध कराना सभी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी रहेगी।

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