कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कथित नगर निगम भर्ती घोटाले की जांच तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक और पूर्व मंत्री Madan Mitra से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, जांच एजेंसी ने कोलकाता और उसके आसपास कुल आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम सुबह से ही मदन मित्रा के विभिन्न आवासों और उनसे जुड़े परिसरों में जांच में जुटी रही। तलाशी अभियान कोलकाता के भवानीपुर, उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी तथा दक्षिण 24 परगना के जोका स्थित ठिकानों पर चलाया गया। एजेंसी इस कार्रवाई को कथित नगर निगम भर्ती भ्रष्टाचार मामले से जोड़कर देख रही है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी को अपनी जांच के दौरान ऐसे दस्तावेज और सूचनाएं मिली हैं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई। एजेंसी आरोपों की जांच कर रही है कि नगर निकायों में नियुक्तियों के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया और कुछ उम्मीदवारों को कथित रूप से अनुचित तरीके से नौकरी दिलाई गई।
रिश्वत लेने के आरोपों की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक की पड़ताल में यह सामने आया है कि कुछ नगरपालिकाओं में भर्ती प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से लेन-देन हुआ। ईडी यह जांच कर रही है कि क्या अयोग्य उम्मीदवारों को नियुक्त कराने के बदले नकद और अन्य माध्यमों से रिश्वत ली गई थी।
अधिकारियों का दावा है कि कमरहाटी नगरपालिका समेत कई स्थानीय निकायों में हुई नियुक्तियों के संबंध में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही और कथित अवैध नियुक्तियों से किसे लाभ पहुंचा।
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, जांच के दायरे में बड़ी संख्या में नियुक्तियां हैं और एजेंसी विभिन्न दस्तावेजों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है और मामले की जांच जारी है।
पश्चिम बंगाल में भर्ती घोटालों पर बढ़ी जांच
नगरपालिका भर्ती मामला पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ वर्षों से सामने आए विभिन्न भर्ती घोटालों की व्यापक जांच का हिस्सा माना जा रहा है। राज्य में सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों में नियुक्तियों को लेकर कई मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। इन मामलों में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
ईडी की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य की राजनीति में भर्ती घोटालों को लेकर बहस तेज है। विपक्षी दल लगातार इन मामलों को लेकर सरकार और सत्तारूढ़ दल पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस कई बार इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता चुकी है।
जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय ने फिलहाल तलाशी अभियान के दौरान बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और बढ़ने की संभावना है।

