28 Mar 2026, Sat

जिस गाने ने कमाए करोड़ों रुपये, कंपोजर को मिला छोटा हिस्सा, अब शेयर किया गिला

Amaal Mallik: रॉयल्टी सिस्टम पर उठाए सवाल, कहा– म्यूजिक इंडस्ट्री में रचनाकारों को नहीं मिलता पूरा हक

म्यूजिक इंडस्ट्री में रॉयल्टी और कलाकारों के अधिकारों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। मशहूर संगीतकार Amaal Mallik ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते हुए सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि भारत में संगीत बनाने वाले कलाकारों को उनके काम का पूरा हक और उचित लाभ नहीं मिल पाता।

अमाल मलिक ने एक इंटरव्यू में कहा कि भले ही 2020 से रॉयल्टी सिस्टम लागू है, लेकिन असल में गाने के मास्टर राइट्स (अधिकार) अब भी ज्यादातर म्यूजिक लेबल के पास ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का संगीत उद्योग अब भी पश्चिमी देशों की तुलना में काफी पीछे है, जहां कलाकारों को अपने काम पर ज्यादा नियंत्रण और अधिकार मिलते हैं।

अमाल ने यह भी बताया कि किसी गाने की सफलता केवल अभिनेता या गायक पर निर्भर नहीं करती। उनके अनुसार, गाने की सफलता में गीतकार, संगीतकार, निर्देशक और गायक सभी की बराबर भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इन चारों स्तंभों को अपने-अपने अधिकार मिलने चाहिए, लेकिन भारत में ऐसा सिस्टम अभी पूरी तरह विकसित नहीं है।

अपने हिट गाने ‘सूरज डूबा है’ का उदाहरण देते हुए अमाल ने बताया कि इस गाने के लिए उन्हें लगभग 8 लाख रुपये मिले थे, जबकि गाने को बनाने में करीब 10 लाख रुपये तक का खर्च आया। उन्होंने कहा कि आज वही गाना करोड़ों रुपये की कमाई कर चुका है, लेकिन रचनाकार को उसका बहुत छोटा हिस्सा ही मिलता है।

अमाल मलिक ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए Taylor Swift का नाम लिया। उन्होंने बताया कि टेलर स्विफ्ट अपने गानों के मास्टर राइट्स खुद के पास रखती हैं, जिसकी वजह से वह अपने पुराने एल्बम्स को दोबारा रिलीज या री-रिकॉर्ड कर पाती हैं। भारत में ऐसा सिस्टम अभी विकसित नहीं हुआ है, जिससे कलाकारों को अपने ही बनाए गानों से पूरा फायदा नहीं मिल पाता।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कई हिट गाने करोड़ों रुपये कमा लेते हैं, लेकिन उनके असली क्रिएटर्स को बहुत कम हिस्सा मिलता है। अमाल के मुताबिक, एक गाना जो 10 लाख रुपये में तैयार हुआ, वह समय के साथ 100 करोड़ रुपये तक कमा सकता है, लेकिन क्रिएटर को उसका छोटा सा हिस्सा ही मिलता है।

अमाल मलिक ने इस बात पर जोर दिया कि संगीत इंडस्ट्री में पारदर्शिता और बेहतर रॉयल्टी सिस्टम की जरूरत है, ताकि कलाकारों को उनकी मेहनत का सही फल मिल सके। उनका मानना है कि अगर रचनाकारों को सही अधिकार मिलें, तो भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री और भी तेजी से आगे बढ़ सकती है।

बिग बॉस से भी रहे चर्चा में

अमाल मलिक सिर्फ अपनी म्यूजिक कंपोजिंग के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी पर्सनल लाइफ और बयानों को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। वे रियलिटी शो Bigg Boss में भी नजर आ चुके हैं, जहां उनकी पर्सनालिटी और बेबाक अंदाज ने दर्शकों का ध्यान खींचा था।

उन्होंने शो में अपनी मजबूत राय और स्पष्ट विचारों से लोगों के बीच एक अलग पहचान बनाई। इससे पहले भी वे अपने परिवार से जुड़ी चर्चाओं और व्यक्तिगत विवादों के कारण मीडिया में बने रहे हैं।

निष्कर्ष

अमाल मलिक का यह बयान भारतीय संगीत उद्योग में रॉयल्टी और कलाकारों के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म देता है। उनका कहना है कि यदि भारत में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसा सिस्टम अपनाया जाए, तो संगीतकारों और गीतकारों को उनके काम का सही मूल्य मिल सकता है।

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