17 Sep 2026, Thu

जयशंकर ने भूटान को क्यों सौंपीं 43 शुद्ध जर्सी गायें? भारत की तरफ से इस अनोखे तोहफे की वजह भी जानिए

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भूटान दौरे के दौरान भारत और भूटान के बीच सहयोग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गतिविधियां देखने को मिलीं। बूमथांग में जयशंकर ने नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया और भारत की ओर से 43 शुद्ध नस्ल की जर्सी गायें सौंपीं। इन गायों को भूटान के डेयरी कैटल ब्रीडिंग कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ स्थानीय किसानों को भी सहायता देना है। बताया गया है कि इस प्रजनन कार्यक्रम से करीब 40 हजार किसानों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है।

दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर

जयशंकर ने इस पहल को भूटान के डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने से जोड़ा। शुद्ध जर्सी गायों को बेहतर दुग्ध उत्पादन क्षमता के लिए डेयरी प्रजनन कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर दूध की उपलब्धता और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर में भारत से लाई गई इन गायों को सौंपने के दौरान दोनों देशों के बीच कृषि और पशुपालन क्षेत्र में सहयोग की झलक भी देखने को मिली। यह पहल सीधे तौर पर किसानों और पशुपालन से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।

ऐतिहासिक महल भी पहुंचे जयशंकर

बूमथांग दौरे के दौरान जयशंकर ने ऐतिहासिक वांगदुएछोलिंग पैलेस और म्यूजियम का भी दौरा किया। यह स्थान भूटान के इतिहास, कला, शिल्प और वास्तुकला से जुड़ी महत्वपूर्ण विरासत को दर्शाता है। यह पहले शाही निवास और दरबार के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।

दौरे के दौरान जयशंकर ने इस ऐतिहासिक स्थल के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह महल आधुनिक भूटान के निर्माण में भूटानी राजशाही की भूमिका को दर्शाता है।

कुर्जे ल्हाखांग में की प्रार्थना

विदेश मंत्री ने बूमथांग स्थित पवित्र कुर्जे ल्हाखांग का भी दौरा किया। यह भूटान के महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों में शामिल है। यहां उन्होंने प्रार्थना की और दोनों देशों के लोगों की खुशहाली तथा भारत-भूटान संबंधों के लिए कामना की। भूटान के आधिकारिक विरासत रिकॉर्ड के अनुसार कुर्जे ल्हाखांग बूमथांग के महत्वपूर्ण धार्मिक विरासत स्थलों में से एक है।

भूटान के विदेश मंत्री से हुई बातचीत

जयशंकर ने अपने भूटानी समकक्ष ल्योंपो डीएन धुंग्येल से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को लेकर चर्चा हुई। दोनों ने द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा भी की।

दौरे के दौरान दोनों देशों ने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया। इनमें 500 किलोवाट की लुनाना जलविद्युत परियोजना की आधारशिला, 65 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल का उद्घाटन और जंगनाथन पुल का उद्घाटन शामिल रहा।

जयशंकर का यह भूटान दौरा 16 और 17 सितंबर को निर्धारित है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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