कश्मीर में बदला मौसम का मिजाज: भारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन प्रभावित, 10 अप्रैल तक अलर्ट
Jammu and Kashmir में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। घाटी में हो रही लगातार बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी के कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई सड़कें बर्फ की मोटी परत से ढक गई हैं और फिसलन के कारण आवाजाही पर गंभीर असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों को फिलहाल यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है।
सड़कें बंद, यातायात प्रभावित
भारी बर्फबारी के चलते कई अहम मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। खासतौर पर Peer Ki Gali जैसे पहाड़ी इलाकों में सड़कें बेहद फिसलन भरी हो गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक सड़कों से बर्फ हटाने का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य तेजी से जारी है और हालात सामान्य होते ही मार्ग खोल दिए जाएंगे।
श्रीनगर और अन्य इलाकों में बारिश
राजधानी Srinagar सहित घाटी के कई मैदानी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे Shopian और Kupwara में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। इससे न सिर्फ ठंड बढ़ी है बल्कि दैनिक जीवन भी प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव के पीछे एक मजबूत Western Disturbance जिम्मेदार है, जिसने पूरे क्षेत्र में मौसम को अस्थिर बना दिया है।
10 अप्रैल तक जारी रहेगा खराब मौसम
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कश्मीर में 10 अप्रैल तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
5 से 6 अप्रैल के बीच हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि 7 से 9 अप्रैल के बीच कई इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि के साथ बारिश हो सकती है। 10-11 अप्रैल को भी कुछ क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश जारी रह सकती है।
बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में कुछ जगहों पर तेज बारिश, ओलावृष्टि और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे कमजोर इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। निचले इलाकों में जलभराव की भी आशंका जताई गई है।
किसानों को दी गई सलाह
मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए किसानों को फिलहाल खेती से जुड़े सभी काम रोकने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश और बर्फबारी से फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है, ऐसे में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
लोगों से अपील
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखें। आपात स्थिति में ही घर से बाहर निकलें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
कुल मिलाकर, कश्मीर में मौसम की यह मार फिलहाल थमने के आसार नहीं दिखा रही है, ऐसे में सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।

