राजस्थान में भीषण गर्मी का प्रकोप, बाड़मेर में पारा 46 डिग्री के करीब, कई जिलों में लू का असर जारी
राजस्थान में गर्मी ने एक बार फिर अपना तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है। पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां तापमान लगातार 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में हालांकि तापमान में हल्की गिरावट की संभावना जताई गई है, लेकिन फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। राज्य में कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी जरूर दर्ज की गई है, जिससे मौसम में थोड़ी नमी बनी हुई है।
बाड़मेर बना सबसे गर्म जिला
बीते 24 घंटों में राजस्थान का सबसे गर्म स्थान पश्चिमी क्षेत्र का बाड़मेर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
दूसरी ओर, फलौदी में इस दौरान 4.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां के लोगों को थोड़ी राहत मिली। हालांकि अधिकांश इलाकों में गर्म हवाओं और लू का असर बना रहा।
कई जिलों में लू और गर्म रातें
मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक बीते 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में लू का प्रकोप देखने को मिला। कुछ क्षेत्रों में रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया, जिससे गर्म रातों की स्थिति बनी रही।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
IMD के अनुसार, राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले 3 से 4 दिनों तक लू का असर जारी रह सकता है। हालांकि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त पूर्वी हवाओं के कारण मौसम में बदलाव की संभावना है।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में दोपहर बाद कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इससे अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को दिन के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
राजस्थान में गर्मी का यह दौर अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, हालांकि मौसम में बदलाव के संकेत भी धीरे-धीरे दिखने लगे हैं।

