High Blood Pressure: हाई बीपी में इन चीजों से बनाएं दूरी, एक्सपर्ट ने दी अहम सलाह
हेल्थ डेस्क। हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन आज के समय की एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए तो दिल की बीमारी, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी परेशानियों का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। नोएडा स्थित Metro Multi Speciality Hospital की डायटीशियन डॉ. अनामिका के अनुसार, हाई बीपी के मरीजों को अपनी डाइट को लेकर खास सतर्कता बरतनी चाहिए। कुछ खाने-पीने की चीजें इस समस्या को और बढ़ा सकती हैं।
नमक का सीमित सेवन है जरूरी
डॉ. अनामिका बताती हैं कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सबसे जरूरी है नमक की मात्रा को नियंत्रित करना। ज्यादा नमक शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ाता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। इसलिए खाने में अतिरिक्त नमक डालने से बचें और पैकेज्ड फूड्स का सेवन कम करें।
बेकरी प्रोडक्ट्स जैसे ब्रेड, बिस्किट और नमकीन स्नैक्स में भी छिपा हुआ नमक काफी मात्रा में होता है, जो बीपी मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
प्रोसेस्ड फूड से करें परहेज
हाई बीपी के मरीजों को प्रोसेस्ड स्नैक्स से तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए। चिप्स, नमकीन, फ्राइड स्नैक्स, पैकेज्ड बिस्किट और रेडी-टू-ईट फूड्स में सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा अधिक होती है।
इसके अलावा प्रोसेस्ड मीट, कैन्ड फूड्स, कैन्ड सूप और सॉस जैसी चीजें भी ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं। अचार और पापड़ जैसे खाद्य पदार्थों में भी नमक अधिक होता है, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में या पूरी तरह बंद करना बेहतर है।
कैफीन और शराब से सावधान
डॉ. अनामिका के अनुसार, कैफीन का अधिक सेवन भी हाई ब्लड प्रेशर में हानिकारक हो सकता है। ज्यादा चाय या कॉफी पीने से बीपी अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। इसलिए दिनभर में कैफीन की मात्रा सीमित रखें।
वहीं शराब का सेवन हाई बीपी के मरीजों के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकता है। शराब न केवल ब्लड प्रेशर बढ़ाती है, बल्कि दिल और लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा देती है।
क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि हाई बीपी के मरीजों को ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और लो-फैट डेयरी उत्पादों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी भी ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने में मदद करती है।
हाई ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसलिए समय-समय पर बीपी की जांच कराते रहें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करें।

