नेशनल डेस्क | मौसम समाचार
पूर्वी भारत के एक तटीय राज्य में चक्रवात के संभावित खतरे और भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। पांच जिलों में स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला लिया गया है। वहीं, रेल परिचालन पर भी असर पड़ा है और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठ ट्रेनों को रद्द करने या उनके संचालन में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है।
मौसम संबंधी चेतावनी के बीच प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है। चक्रवात के प्रभाव से आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
तीन दिनों तक बंद रहेंगे शैक्षणिक संस्थान
जिले के प्रशासन ने 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक सभी स्कूलों, डिग्री कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के विभागों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। खराब मौसम और संभावित भारी बारिश के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना इस फैसले का प्रमुख उद्देश्य है।
इसके अलावा, प्रभावित क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी जरूरी निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
चक्रवात के कारण तेज हवाएं, जलभराव और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने की जरूरत है।
आठ ट्रेनों का परिचालन प्रभावित
चक्रवात के खतरे का असर रेल सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आठ ट्रेनों को रद्द किया गया है या उनके संचालन में बदलाव किया गया है। इससे संबंधित मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रभावित सेवाओं में रात के समय चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें, पैसेंजर ट्रेनें और इंटरसिटी सेवाएं शामिल हैं। कुछ ट्रेनें कई दिनों तक रद्द रहेंगी, जबकि कुछ सेवाओं की वापसी यात्रा भी प्रभावित होगी।
अलग-अलग तारीखों पर रद्द रहेंगी सेवाएं
विशाखापत्तनम और किरंदुल के बीच चलने वाली नाइट एक्सप्रेस की दोनों दिशाओं की सेवाएं 29 अक्टूबर से 4 नवंबर तक रद्द रहेंगी। विशाखापत्तनम-कोरापुट पैसेंजर 27 से 30 अक्टूबर तक नहीं चलेगी, जबकि वापसी सेवा 28 से 31 अक्टूबर तक रद्द रहेगी।
विशाखापत्तनम-कोरापुट इंटरसिटी एक्सप्रेस 30 अक्टूबर को और वापसी सेवा 31 अक्टूबर को रद्द रहेगी। विशाखापत्तनम-किरंदुल पैसेंजर तथा इसकी वापसी सेवा भी 27 से 30 अक्टूबर तक प्रभावित रहेंगी।
इसके अलावा, भुवनेश्वर से जगदलपुर जाने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन 27 से 30 अक्टूबर तक अपने निर्धारित गंतव्य के बजाय बीच के एक स्टेशन तक ही चलेगी। वापसी में संबंधित ट्रेन 28 से 31 अक्टूबर तक अपने सामान्य शुरुआती स्टेशन के बजाय दूसरे स्टेशन से रवाना होगी।
यात्रियों को दी गई सतर्क रहने की सलाह
रेल यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति, रद्द होने की तारीख और बदले हुए मार्ग की जानकारी आधिकारिक रेलवे माध्यमों से जांचने की सलाह दी जाती है। चक्रवात के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए प्रशासन और संबंधित विभागों के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
फिलहाल मौसम की स्थिति को देखते हुए एहतियाती इंतजाम किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में बारिश और हवाओं की तीव्रता के आधार पर हालात बदल सकते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है।

