चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक बार फिर भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। बुधवार देर रात मसरूंड–हमल मार्ग पर एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसमें सवार सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मृतकों को बचने का कोई मौका नहीं मिला। इस दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात करीब दो बजे हुआ। दुर्घटना का शिकार हुई बोलेरो ग्राम पंचायत कुठेड़ के महल गांव की बताई जा रही है। वाहन में सवार सभी लोग पंचायत के काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद देर रात जब वे वापस महल गांव की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा और बोलेरो सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। दुर्घटना स्थल दुर्गम क्षेत्र में होने और रात का समय होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए खाई में उतरकर बचाव कार्य में मदद की और शवों को बाहर निकालने में प्रशासन का सहयोग किया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन द्वारा सभी मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने और उनके परिजनों को सूचना देने का कार्य किया जा रहा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों ने हादसे के लिए सड़क सुरक्षा व्यवस्था की कमी को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां सड़क किनारे क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए थे। यदि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते तो वाहन को खाई में गिरने से रोका जा सकता था और कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।
गौरतलब है कि चंबा जिले में यह लगातार दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। एक दिन पहले भी बनीखेत-चंबा मार्ग पर डैम व्यू प्वाइंट के पास एक कार गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी इलाकों में संकरी सड़कें, तीखे मोड़, अपर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और कई बार लापरवाही से वाहन चलाना दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं। इस ताजा हादसे के बाद प्रशासन पर सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है।
फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। वहीं, पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।

