6 Oct 2026, Tue

‘घर बेचकर शो बनाया, चैनल गायब हो गया’, आर्थिक तंगी पर भाई राजू खेर का छलका दर्द, बोले- अनुपम खेर ने भी मदद नहीं की

अभिनेता और निर्देशक राजू खेर ने अपने जीवन के बेहद मुश्किल दौर को याद करते हुए आर्थिक संघर्ष से जुड़ा एक दर्दनाक अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि एक टेलीविजन प्रोजेक्ट में उन्होंने अपनी जमा पूंजी के साथ घर बेचकर मिले पैसे तक लगा दिए थे। उन्हें उम्मीद थी कि यह प्रोजेक्ट उनके करियर को नई दिशा देगा और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। लेकिन हालात ने अचानक ऐसी करवट ली कि पूरा निवेश मुश्किल में फंस गया।

राजू खेर के मुताबिक उस समय एक नया टेलीविजन चैनल शुरू होने वाला था। कई प्रोडक्शन हाउस इस चैनल के लिए अपने-अपने कार्यक्रम तैयार कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने भी एक शो तैयार किया था। प्रोजेक्ट को लेकर उन्हें पूरा भरोसा था और उन्होंने इसमें बड़ी रकम निवेश कर दी। उनके पास उस समय चार बेडरूम वाला घर था और परिवार की जिंदगी भी ठीक-ठाक चल रही थी। लेकिन प्रोजेक्ट में पैसा लगाने के लिए उन्होंने अपना घर बेच दिया।

उन्हें उम्मीद थी कि नए चैनल के साथ जुड़कर तैयार किया गया कार्यक्रम सफल होगा और उनकी मेहनत का फायदा उन्हें मिलेगा। मगर कुछ ही समय बाद ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। जिस चैनल के लिए उन्होंने अपना प्रोजेक्ट तैयार किया था, वह अचानक बंद हो गया। राजू ने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उन्हें पता चला कि चैनल का कार्यालय ही बंद पड़ा है और वहां ताला लगा हुआ है।

चैनल के बंद होने के साथ ही राजू खेर का लगाया हुआ पैसा भी फंस गया। उनके लिए यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं था, बल्कि उनके भविष्य की योजनाओं पर भी बड़ा असर पड़ा। घर बेचकर जुटाई गई रकम को उन्होंने जिस उम्मीद के साथ प्रोजेक्ट में लगाया था, वह पूरी तरह टूट गई। इसके बाद उनकी आर्थिक परेशानियां तेजी से बढ़ने लगीं।

राजू ने बताया कि उस समय उनके पास लगातार काम भी नहीं था। एक तरफ निवेश डूबने का संकट था और दूसरी तरफ परिवार की जिम्मेदारियां और किराए का दबाव बढ़ रहा था। ऐसी स्थिति में उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे का रास्ता क्या होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि इस दौर ने उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से भी काफी प्रभावित किया।

मुश्किल वक्त में उन्हें अपने बड़े भाई अनुपम खेर से मदद की उम्मीद थी। राजू के मुताबिक, चूंकि अनुपम उस समय फिल्म इंडस्ट्री में एक स्थापित नाम बन चुके थे, इसलिए उन्हें लगा था कि जरूरत पड़ने पर भाई उनका आर्थिक सहारा बनेंगे। हालांकि उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं हुई। राजू ने माना कि उन्हें इस बात का दुख हुआ और एक समय उनके मन में यह सवाल भी आया कि भाई उनकी मदद कर सकते थे।

हालांकि, राजू ने यह भी बताया कि उस समय उनके भाई खुद अपने करियर के एक अलग दौर से गुजर रहे थे। वह हर तरह के प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के बजाय ऐसे काम का इंतजार कर रहे थे, जिसमें उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिले। इसी कारण उनके सामने भी पेशेवर चुनौतियां थीं।

राजू खेर की यह कहानी बताती है कि मनोरंजन जगत में पहचान होने के बावजूद कलाकारों की जिंदगी में भी ऐसे दौर आ सकते हैं, जब आर्थिक संकट और असफलता उन्हें अंदर तक प्रभावित कर देती है। उन्होंने जिस अनुभव को साझा किया, उसमें निवेश का नुकसान, काम की कमी और अपनों से उम्मीद टूटने का दर्द साफ नजर आता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *