30 Sep 2026, Wed

गेहूं की MSP पर आया सरकार का बड़ा फैसला, अश्विनी वैष्णव ने किया नए रेट का ऐलान

रबी फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने 2027-28 मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं की MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस बढ़ोतरी के बाद गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इससे पहले 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं की MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल थी।

सरकार के मुताबिक, MSP में बढ़ोतरी का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना और उत्पादन लागत के मुकाबले पर्याप्त मार्जिन सुनिश्चित करना है। MSP तय करने की प्रक्रिया में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों को आधार बनाया जाता है।

गेहूं की उत्पादन लागत कितनी है?

दिए गए विवरण के अनुसार, गेहूं की उत्पादन लागत करीब 1,264 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई है। इसके मुकाबले 2027-28 के लिए MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। गेहूं देश की प्रमुख रबी फसलों में शामिल है। इसकी बुवाई आमतौर पर अक्टूबर के आसपास शुरू होती है, जबकि फसल की कटाई अप्रैल से शुरू होती है।

नई MSP ऐसे समय घोषित की गई है जब किसान आगामी रबी सीजन की तैयारियों में जुटते हैं। गेहूं की कीमत में यह बढ़ोतरी किसानों की फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में सीधे बदलाव से जुड़ी है।

सिर्फ गेहूं ही नहीं, इन फसलों की MSP भी बढ़ी

सरकार ने गेहूं के साथ अन्य रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जौ की MSP 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये प्रति क्विंटल की गई है।

वहीं चना की MSP 5,875 रुपये से बढ़कर 5,958 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। मसूर की MSP 7,000 रुपये से बढ़ाकर 7,390 रुपये प्रति क्विंटल की गई है।

तिलहन फसलों में भी बढ़ोतरी की गई है। सरसों की MSP 6,200 रुपये से बढ़कर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। वहीं कुसुम की MSP 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल की गई है।

किसानों को 90,962 करोड़ रुपये के भुगतान का अनुमान

सरकार के अनुमान के अनुसार, 2027-28 मार्केटिंग सीजन में करीब 324 लाख टन रबी फसलों की खरीद के लिए किसानों को कुल 90,962 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। MSP तय करने के दौरान उत्पादन लागत के अलावा घरेलू और वैश्विक बाजार में कीमतों के रुझान तथा मौसम से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखा जाता है।

MSP व्यवस्था के तहत सरकार द्वारा तय न्यूनतम मूल्य किसानों को उनकी उपज के लिए एक निर्धारित मूल्य स्तर उपलब्ध कराता है। रबी फसलों की नई MSP की घोषणा आगामी खेती और खरीद सीजन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

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