खामेनेई की मौत पर ट्रंप का बड़ा बयान: “उसने मुझे मारने की कोशिश की, मैंने पहले मार गिराया”
वॉशिंगटन: ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का बड़ा और विवादित बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने खामेनेई को उससे पहले “मार गिराया”, इससे पहले कि वह उन्हें निशाना बनाते।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा, “मैंने उसे (खामेनेई) पहले मार गिराया, इससे पहले कि वह मुझे मार गिराता। उसने दो बार कोशिश की। खैर, मैंने उसे पहले ही मार गिराया।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद तनाव चरम पर है।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का जिक्र
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि पिछले 36 घंटों से अमेरिका और उसके सहयोगी “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” चला रहे हैं। उनके मुताबिक, इस अभियान के तहत ईरान में सैकड़ों ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकाने और वायु रक्षा प्रणाली शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि नौ सैन्य जहाजों और उनके नौसैनिक अड्डों को भी नष्ट कर दिया गया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की शीर्ष सैन्य कमान को समाप्त कर दिया गया है और कई अधिकारी आत्मसमर्पण करने को तैयार हैं।
ईरानी बलों को चेतावनी
खामेनेई की मौत के बाद ट्रंप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस बलों को हथियार डालने की चेतावनी भी दी थी। उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर रिवोल्यूशनरी गार्ड, ईरानी सेना और पुलिस से आग्रह करता हूं कि वे अपने हथियार डाल दें और पूर्ण सुरक्षा प्राप्त करें, अन्यथा निश्चित मृत्यु का सामना करें।”
ट्रंप ने अपने बयान में ईरान को दुनिया का “नंबर एक आतंकवाद प्रायोजक” बताते हुए कहा कि अमेरिका अब किसी भी प्रकार की असहनीय धमकियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि लगभग 50 वर्षों से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं और अब यह सिलसिला खत्म होना चाहिए।
वैश्विक प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान पश्चिम एशिया में पहले से जारी सैन्य संघर्ष को और भड़का सकता है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
कूटनीतिक हलकों में यह बयान काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई देशों ने संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है, जबकि कुछ देशों ने अमेरिका के कदम का समर्थन भी किया है।
फिलहाल पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां जारी हैं और हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ट्रंप का यह बयान आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा समीकरणों को और प्रभावित कर सकता है।

