3 Oct 2026, Sat

क्या कोई पाकिस्तानी पायलट भारत में फ्लाइट उड़ा सकता है? जानें क्या कहते हैं नियम

नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट में को-पायलट द्वारा कैप्टन पर कथित हमले के बाद पायलट की राष्ट्रीयता और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में काम करने के नियमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने यह चर्चा भी तेज कर दी है कि किसी दूसरे देश के नागरिक को किसी देश की एयरलाइन में पायलट के तौर पर काम करने की अनुमति किन नियमों के तहत मिलती है। इसी संदर्भ में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान का कोई पायलट भारत आने वाली या भारत के भीतर उड़ान भरने वाली फ्लाइट का संचालन कर सकता है?

सिर्फ नागरिकता से तय नहीं होती पायलट की ड्यूटी

अंतरराष्ट्रीय विमानन व्यवस्था में किसी पायलट की नागरिकता और उसके विमान उड़ाने की अनुमति दो अलग-अलग विषय हैं। पायलट को संबंधित विमानन प्राधिकरण से जरूरी लाइसेंस, मेडिकल फिटनेस और अन्य पेशेवर अनुमतियां हासिल करनी होती हैं। इसके अलावा जिस एयरलाइन में वह काम करता है, उस एयरलाइन और संबंधित देश के सुरक्षा नियम भी लागू होते हैं।

इसलिए किसी पायलट का विदेशी नागरिक होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह किसी देश की अंतरराष्ट्रीय उड़ान में काम नहीं कर सकता। अंतिम अनुमति संबंधित देश के प्रवेश, सुरक्षा, विमानन और एयरलाइन नियमों पर निर्भर करती है।

भारत में पाकिस्तानी विमानों पर क्या है स्थिति?

भारत के मौजूदा विमानन नोटिस के अनुसार पाकिस्तानी पंजीकृत विमानों के लिए भारतीय एयरस्पेस उपलब्ध नहीं है। इसी प्रतिबंध में पाकिस्तानी एयरलाइंस या ऑपरेटरों द्वारा संचालित, उनके स्वामित्व वाले अथवा लीज पर लिए गए विमानों को भी शामिल किया गया है। सैन्य उड़ानें भी इस व्यवस्था के दायरे में आती हैं। यह प्रावधान भारतीय विमानन सूचना प्रकाशन में दर्ज है।

इसका अर्थ यह है कि मौजूदा एयरस्पेस प्रतिबंध विमान या ऑपरेटर से संबंधित है। इसे सीधे तौर पर इस तरह नहीं समझा जाना चाहिए कि किसी विदेशी नागरिक के पास पायलट लाइसेंस होने मात्र से वह भारत में किसी भी विमान को उड़ाने से स्वतः प्रतिबंधित हो जाता है।

इजरायल जाने वाली उड़ानों में विदेशी पायलट

इजरायल की ओर से जारी विमानन समझौतों में एयरलाइंस के नामांकन, परिचालन अनुमति, सुरक्षा और विमानन सुरक्षा से जुड़े नियम निर्धारित किए जाते हैं। किसी एयरलाइन को किसी मार्ग पर संचालन की अनुमति मिलने के लिए संबंधित शर्तों का पालन करना होता है।

इसके अलावा इजरायल के आधिकारिक नियमों में एयरक्रू के लिए अलग प्रावधान भी मौजूद हैं। उदाहरण के तौर पर, एयरलाइन द्वारा रिपोर्ट किए गए मिशन पर जाने वाले एयरक्रू को सामान्य यात्रियों पर लागू कुछ प्रवेश प्रक्रियाओं से छूट दी गई है।

इसलिए किसी विदेशी नागरिक का किसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन में को-पायलट होना अपने आप में असामान्य नहीं माना जा सकता। हालांकि, संबंधित व्यक्ति को नियुक्त करने और उसे किसी विशेष उड़ान पर तैनात करने से पहले एयरलाइन तथा संबंधित विमानन और सुरक्षा प्राधिकरणों के नियम लागू होते हैं।

ओमान और इजरायल के संबंधों का सवाल

ओमान और इजरायल के बीच पूर्ण राजनयिक संबंधों की स्थिति को देखते हुए इस मामले में अतिरिक्त सवाल उठे हैं। हालांकि, किसी खास उड़ान में किसी नागरिक को पायलट या को-पायलट के रूप में तैनात करने के लिए लागू वास्तविक शर्तों की पुष्टि संबंधित विमानन समझौतों और अधिकारियों के रिकॉर्ड से ही की जा सकती है।

इस घटना के बाद मुख्य सवाल यही है कि आरोपी को-पायलट की नियुक्ति, उसकी सुरक्षा जांच और फ्लाइट पर उसकी तैनाती किन प्रक्रियाओं के तहत हुई। इन पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में किसी नियम या सुरक्षा प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ था या नहीं।

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