12 Jun 2026, Fri

कौन थे भारती राजा, जिनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, परिवार को दी सांत्वना

भारतीय सिनेमा जगत को गुरुवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब प्रसिद्ध तमिल फिल्म निर्देशक और अभिनेता Bharathiraja (भारतीराजा) के निधन की खबर सामने आई। उनके निधन से फिल्म उद्योग, कलाकारों और लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। चार दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने तमिल सिनेमा को नई पहचान देने का काम किया और अपनी फिल्मों के माध्यम से ग्रामीण भारत की वास्तविक तस्वीर को बड़े पर्दे पर उतारा।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर भारतीराजा को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारतीय सिनेमा की एक महान हस्ती बताते हुए कहा कि उनके कार्यों ने तमिल फिल्म उद्योग को नई दिशा दी। उन्होंने लिखा कि भारतीराजा ने अपनी फिल्मों के जरिए गांवों के जीवन, संस्कृति और भावनाओं को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया, जो हमेशा याद रखा जाएगा। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

भारतीराजा का अंतिम संस्कार उनके गृह जिले थेनी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। राज्य सरकार और प्रशासन ने अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली हैं। उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक, राजनीतिक हस्तियां और फिल्म जगत से जुड़े लोग पहुंच रहे हैं।

भारतीराजा ने वर्ष 1977 में अपनी पहली फिल्म 16 Vayathinile के साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। यह फिल्म न केवल व्यावसायिक रूप से सफल रही, बल्कि तमिल सिनेमा में यथार्थवादी कहानी कहने की शैली का नया दौर भी लेकर आई। इसके बाद उन्होंने कई ऐसी फिल्में बनाईं जिन्हें आज भी क्लासिक माना जाता है। उनकी चर्चित फिल्मों में Kizhake Pogum Rail, Sigappu Rojakkal, Alaigal Oivathillai, Kadhal Oviyam और Mudhal Mariyathai शामिल हैं।

फिल्म निर्देशन के अलावा भारतीराजा ने अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कई सफल फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा बने रहे। हाल के वर्षों में भी वह सिनेमा से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उनकी अंतिम रिलीज फिल्मों में Thudarum शामिल है, जबकि उनकी अप्रकाशित फिल्म Pulavar को अभिनेता के रूप में उनकी आखिरी प्रस्तुति माना जा रहा है।

भारतीराजा को भारतीय सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए। उन्हें तमिल फिल्म उद्योग में “इयाकुनार इमयम” यानी निर्देशन का शिखर भी कहा जाता था। उनकी फिल्मों ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि समाज, संस्कृति और मानवीय रिश्तों को भी गहराई से दर्शाया।

भारतीराजा का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनकी रचनात्मक दृष्टि, संवेदनशील कहानी कहने की शैली और ग्रामीण जीवन को पर्दे पर जीवंत करने की कला हमेशा याद की जाएगी। उनके योगदान ने भारतीय फिल्म इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी है, जिसे आने वाली पीढ़ियां लंबे समय तक याद रखेंगी।

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