18 May 2026, Mon

केरल में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, आशा वर्कर्स का बढ़ा मानदेय, पहली कैबिनेट में सीएम सतीशन ने लिए अहम फैसले

केरल में नई बनी यूडीएफ सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े और जनहित से जुड़े फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में महिलाओं, बुजुर्गों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए अहम घोषणाएं की गईं। सरकार ने इसे राज्य में नई प्रशासनिक दिशा की शुरुआत बताया है।

सबसे बड़ा फैसला केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा देने का रहा। यह योजना 15 जून से लागू होगी। सरकार के अनुसार, इस कदम से महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, इस योजना के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे, जिसमें इसके संचालन और पात्रता से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा सरकार ने आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का भी ऐलान किया है। आशा वर्कर्स के मानदेय में 3,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि की गई है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायकों, स्कूलों में कार्यरत रसोइयों, प्री-प्राइमरी शिक्षकों और आया के मानदेय में 1,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि ये सभी कर्मचारी जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण सेवाएं देते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग विभाग (डिपार्टमेंट) का गठन किया जाएगा। सीएम के अनुसार, यह देश में अपनी तरह की पहली पहल होगी, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों की देखभाल और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का मूल्यांकन इस बात से होता है कि वह अपने वरिष्ठ नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है।

कैबिनेट ने प्रशासनिक स्तर पर भी कई अहम निर्णय लिए हैं। वरिष्ठ विधायक जी. सुधाकरन को प्रोटेम स्पीकर बनाने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही राज्यपाल से विधानसभा सत्र बुलाने का अनुरोध किया गया है, जहां विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी और अध्यक्ष का चुनाव होगा। तय कार्यक्रम के अनुसार, विधायकों का शपथ ग्रहण 21 मई को और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव 22 मई को होगा।

इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव बाबू को राज्य का महाधिवक्ता (Advocate General) और अधिवक्ता टी.एस. आसफ अली को अभियोजन महानिदेशक (Director of Prosecution) नियुक्त किया गया है।

कैबिनेट ने अलाप्पुझा में हुई कथित हिंसा की जांच को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम के दौरान दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले के मामले में एसआईटी (विशेष जांच दल) के गठन को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम अदालत के आदेश के अनुपालन में लिया गया है और इसमें किसी प्रकार की राजनीतिक दुर्भावना नहीं है।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर एक श्वेत पत्र (White Paper) जारी किया जाएगा, जिसमें राजकोष की वास्तविक स्थिति का विस्तृत विवरण दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, केरल की नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में सामाजिक कल्याण, प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है।

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