केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बड़ा भूस्खलन, SDRF-NDRF ने 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला
Kedarnath यात्रा मार्ग पर शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में अचानक हुए भूस्खलन के कारण मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना के चलते हजारों श्रद्धालु रास्ते में फंस गए और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने मोर्चा संभालते हुए 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
देर रात अचानक गिरा मलबा
जानकारी के मुताबिक, 9 मई 2026 की देर रात सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर भारी बारिश और खराब मौसम के बीच अचानक पहाड़ी से मलबा गिरने लगा। देखते ही देखते सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी जमा हो गई, जिससे केदारनाथ यात्रा का मुख्य मार्ग बंद हो गया।
घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम की यात्रा पर थे। रात का समय होने और लगातार मलबा गिरने के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बन गए।
SDRF और NDRF ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना रात 9 बजकर 16 मिनट पर जिला कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग द्वारा SDRF को दी गई। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में SDRF सोनप्रयाग टीम राहत और बचाव उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई।
मौके पर पहुंचकर SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लगातार खतरे के बावजूद जवानों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए यात्रियों को सुरक्षित निकालना शुरू किया।
10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया
राहत और बचाव अभियान के दौरान संयुक्त टीमों ने लगभग 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराया। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों और सुरक्षा इंतजामों के बीच निकाला गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चलता रहा। खराब मौसम और पहाड़ी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने किसी भी बड़ी जनहानि को टाल दिया।
यात्रा मार्ग पर बढ़ाई गई निगरानी
भूस्खलन के बाद प्रशासन ने पूरे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस, SDRF और प्रशासनिक टीमों को तैनात किया गया है।
अधिकारियों ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। साथ ही प्रशासन लगातार मार्ग को साफ करने के काम में जुटा हुआ है ताकि यात्रा जल्द सामान्य हो सके।
मौसम बना चुनौती
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बदलते मौसम के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी बारिश और कमजोर पहाड़ी ढलानों के कारण यात्रा मार्गों पर खतरा बना रहता है।
श्रद्धालुओं ने बचाव दल का जताया आभार
सुरक्षित निकाले गए श्रद्धालुओं ने SDRF और NDRF के जवानों की जमकर सराहना की। कई यात्रियों ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी बचाव दल लगातार लोगों की मदद करता रहा और धैर्य के साथ सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रशासन ने जारी की सलाह
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की भी सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुए इस बड़े भूस्खलन ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के जोखिम को उजागर किया है। हालांकि SDRF और NDRF की तत्परता और साहस के कारण 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

