Ease of Doing Business Ranking: कारोबार के लिए सबसे बेहतर राज्य बना उत्तर प्रदेश, केंद्र सरकार की रिपोर्ट में यूपी पहले स्थान पर
बिज़नेस डेस्क:
उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर देश के आर्थिक मानचित्र पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। Ease of Doing Business Ranking में उत्तर प्रदेश ने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कारोबारियों को सबसे बेहतर कारोबारी माहौल देने वाले राज्यों की सूची में यूपी पहले स्थान पर रहा है। खास बात यह है कि इस रैंकिंग में यूपी के साथ ओडिशा और त्रिपुरा भी संयुक्त रूप से पहले स्थान पर शामिल हैं।
इस उपलब्धि के बाद उत्तर प्रदेश देश-विदेश की बड़ी कंपनियों और निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। बीते कुछ वर्षों में यूपी में निवेश और उद्योगों की संख्या में तेजी से इजाफा देखने को मिला है।
यूपी की सफलता के पीछे क्या हैं बड़े कारण?
उत्तर प्रदेश ने यह मुकाम हासिल करने के लिए अपनी औद्योगिक और कारोबारी नीतियों में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। इनमें सबसे अहम रहे:
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प्रशासनिक सुधारों को तेज करना
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नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाना
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ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करना
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कारोबारियों को सुरक्षित और स्थिर माहौल देना
राज्य सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर रहा है कि निवेशकों को कम से कम समय में जरूरी अनुमतियां मिलें और अनावश्यक कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके।
Phase-2 सुधारों पर सरकार का फोकस
पहले स्थान पर पहुंचने के बाद भी यूपी सरकार यहीं रुकने के मूड में नहीं है। सरकार अब Compliance Reduction और Deregulation Phase-2 को जल्द लागू करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य कारोबारियों पर नियमों का बोझ और कम करना, लाइसेंसिंग प्रक्रिया को और आसान बनाना और स्टार्टअप्स व MSME सेक्टर को अतिरिक्त सहूलियत देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Phase-2 सुधार लागू होने के बाद यूपी में निवेश, रोजगार और औद्योगिक उत्पादन में और तेजी आ सकती है।
अन्य राज्यों की रैंकिंग क्या रही?
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार:
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पहला स्थान: उत्तर प्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा
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दूसरा स्थान: हरियाणा, मध्य प्रदेश
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तीसरा स्थान: मेघालय, राजस्थान
वहीं, रैंकिंग में सुधार करने वाले राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार और केरल के नाम शामिल हैं।
पिछड़ते राज्यों की लिस्ट
कारोबार के अनुकूल माहौल देने में पिछड़ रहे राज्यों की सूची में:
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मणिपुर
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नागालैंड
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दिल्ली
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झारखंड
शामिल हैं। वहीं, इस लिस्ट में पश्चिम बंगाल सबसे निचले पायदान पर रहा है, जो राज्य की औद्योगिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह रैंक?
Ease of Doing Business में शीर्ष स्थान हासिल करना किसी भी राज्य के लिए निवेश आकर्षित करने का सबसे मजबूत संकेत माना जाता है। इससे निवेशकों को भरोसा मिलता है कि राज्य में नीति स्थिर है, प्रशासन सहयोगी है और कारोबारी जोखिम अपेक्षाकृत कम हैं। यूपी की यह उपलब्धि आने वाले समय में राज्य को भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक हब बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।

