लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण को लेकर एक बार फिर सख्त और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा और जो लोग इस तरह के सपने देख रहे हैं, वे कभी पूरे नहीं होंगे। मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर कथित तौर पर गतिविधियां शुरू होने की खबरें सामने आई हैं।
सीएम योगी ने कहा,
“यह सरकार जो बोलती है, वह करके दिखाती है। हमने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे और हमने करके दिखाया। आज फिर स्पष्ट कह रहे हैं कि कयामत के दिन तक भी बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि कयामत का दिन कभी आने वाला नहीं है, इसलिए बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण का सपना देखने वालों की उम्मीदें भी कभी पूरी नहीं होंगी।
मुर्शिदाबाद को लेकर बढ़ा तनाव
बयान ऐसे समय में आया है, जब यह दावा किया जा रहा है कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसको लेकर हिंदू संगठनों ने लखनऊ से मुर्शिदाबाद तक कूच का ऐलान किया है। प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।
सनातन परंपरा और राम मंदिर का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में सनातन धर्म, भारतीय परंपरा और अयोध्या में बने श्रीराम मंदिर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 नवंबर को अयोध्या धाम में श्रीराम मंदिर पर केसरिया ध्वज का आरोहण भारत की सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।
सीएम योगी ने कहा कि यह केसरिया ध्वज भारत के गौरव और सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाता रहेगा।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाज़ी और तेज हो सकती है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद भारत के सबसे संवेदनशील और लंबे समय तक चले कानूनी व सामाजिक मुद्दों में से एक रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन समय-समय पर इस मुद्दे को लेकर बयान और चर्चाएं फिर से सामने आती रहती हैं।

