11 Apr 2026, Sat

कनाडा ने बढ़ाई अंतरराष्ट्रीय छात्रों की मुसीबत, दे दी 21 दिनों की डेडलाइन; भारतीय छात्र भी लपेटे में

कनाडा ने कड़े किए नियम, अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 21 दिन में दस्तावेज जमा करने का नोटिस

कनाडा की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए नए और सख्त नियम लागू करते हुए सैकड़ों छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस फैसले का असर खासतौर पर भारतीय छात्रों पर भी पड़ा है, जो बड़ी संख्या में कनाडा में पढ़ाई कर रहे हैं।

कनाडा के इमिग्रेशन विभाग, यानी Immigration, Refugees and Citizenship Canada (IRCC) ने छात्रों को नोटिस जारी कर 21 दिनों के भीतर जरूरी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है। यदि छात्र इस तय समयसीमा में आवश्यक कागजात जमा नहीं करते हैं, तो उनका अस्थायी रेजिडेंट स्टेटस रद्द किया जा सकता है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

यह सख्ती कनाडा में इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम की विश्वसनीयता को लेकर उठी चिंताओं के बाद आई है। हाल ही में ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट में इस प्रोग्राम में धोखाधड़ी और गड़बड़ियों की आशंका जताई गई थी। इसके बाद सरकार ने जांच प्रक्रिया को और कड़ा कर दिया है।

कनाडा की संसद में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, जहां ऑडिटर जनरल केरेन होगन ने कहा था कि विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सिस्टम की विश्वसनीयता बनी रहे।

छात्रों से क्या मांगा जा रहा है?

नोटिस के अनुसार छात्रों को अपने डेजिग्नेटेड लर्निंग इंस्टीट्यूशन (DLI) से एक आधिकारिक पत्र जमा करना होगा, जिसमें उनके वर्तमान नामांकन की पुष्टि हो। इसके साथ ही, छात्रों को अपने पिछले और वर्तमान सभी शैक्षणिक संस्थानों के ट्रांसक्रिप्ट (मार्कशीट) भी जमा करने होंगे।

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र वास्तव में अपने स्टडी परमिट के नियमों का पालन कर रहे हैं।

21 दिन की डेडलाइन से बढ़ी चिंता

सरकार द्वारा दी गई 21 दिन की डेडलाइन ने छात्रों के बीच चिंता और घबराहट बढ़ा दी है। कई छात्रों का कहना है कि इतने कम समय में सभी दस्तावेज जुटाना आसान नहीं है, खासकर जब कुछ कागजात भारत या अन्य देशों से मंगाने पड़ते हैं।

इमिग्रेशन कंसल्टेंट्स का भी मानना है कि यह कार्रवाई काफी सख्त और समय से थोड़ी देर से की गई है। उनका कहना है कि पिछले साल फ्रॉड के कई मामले सामने आए थे, लेकिन अब जाकर सरकार ने सख्ती दिखाई है।

कॉलेजों की भूमिका पर सवाल

विशेषज्ञों ने इस पूरे मामले में कनाडा के कुछ कॉलेजों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छात्रों को एडमिशन और वर्क परमिट मिलते रहे हैं, जिसकी जांच अब जरूरी हो गई है।

क्या हो सकता है असर?

अगर छात्र समय पर दस्तावेज जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं, जिसमें उनका स्टडी परमिट या अस्थायी निवासी दर्जा खत्म किया जा सकता है। इससे उनका कनाडा में रहना और पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।

आगे क्या?

कनाडा सरकार अब अंतरराष्ट्रीय छात्र कार्यक्रम की निगरानी और जांच को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। IRCC को सभी संदिग्ध मामलों की जांच कर हर महीने रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।

कुल मिलाकर, कनाडा का यह नया कदम छात्रों के लिए चेतावनी है कि वे अपने सभी दस्तावेज और नियमों का पूरी तरह पालन करें। हालांकि इससे कई छात्रों की चिंता जरूर बढ़ गई है, लेकिन सरकार का मानना है कि यह कदम शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है।

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