ओडिशा सरकार ने राज्य की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 755 नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से न केवल मेडिकल छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि मरीजों को भी उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग ने इस निर्णय को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि सरकार मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों और डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नए पदों के सृजन से मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और अस्पतालों में मरीजों के उपचार की व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बनेगी।
बढ़ी MBBS और PG सीटों की संख्या
मंत्री ने बताया कि हाल ही में राज्य के तीन नए मेडिकल कॉलेजों में 250 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों में 68 नई पोस्टग्रेजुएट (पीजी) सीटें भी जोड़ी गई हैं। सीटों की संख्या बढ़ने के बाद शिक्षण और चिकित्सा सेवाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त फैकल्टी और चिकित्सा कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके चलते 755 नए पदों को स्वीकृति दी गई है।
किन पदों पर होगी भर्ती?
सरकार द्वारा स्वीकृत 755 पदों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इनमें 7 प्रोफेसर, 35 एसोसिएट प्रोफेसर और 50 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। इसके अलावा 29 ट्यूटर, 248 सीनियर रेजिडेंट, 190 जूनियर रेजिडेंट, 112 कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर और 84 ब्लड बैंक ऑफिसर के पद भी सृजित किए गए हैं।
इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी दूर होगी और अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
राज्य में 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज
वर्तमान में ओडिशा में कुल 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें से 14 कॉलेज राज्य सरकार के अधीन हैं, जबकि एक केंद्रीय स्वायत्त संस्थान के रूप में एम्स भुवनेश्वर कार्यरत है। इन सभी संस्थानों को मिलाकर राज्य में कुल 1,925 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए पदों के सृजन से राज्य में मेडिकल शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी।
पर्यटन क्षेत्र को भी मिला बढ़ावा
स्वास्थ्य क्षेत्र के अलावा ओडिशा सरकार ने पर्यटन विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली दो प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दी गई है।
सरकार का उद्देश्य पर्यटन आधारित आर्थिक विकास को गति देना और राज्य में आतिथ्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है। इसके तहत होटल, रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए भूमि बैंक तैयार किया जाएगा।
स्वास्थ्य और विकास पर सरकार का फोकस
ओडिशा सरकार के हालिया फैसले यह संकेत देते हैं कि राज्य स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिकल कॉलेजों में नए पदों की मंजूरी और पर्यटन परियोजनाओं में निवेश से राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

