टेस्ट क्रिकेट को हमेशा बल्लेबाजों की असली परीक्षा माना जाता है। इस प्रारूप में रन बनाना और शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। लेकिन क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे महान बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने एक ही कैलेंडर वर्ष में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए कई टेस्ट शतक लगाए। इनमें पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ का नाम सबसे ऊपर आता है, जिनका रिकॉर्ड आज तक कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है।
मोहम्मद यूसुफ ने 2006 में रचा इतिहास
साल 2006 मोहम्मद यूसुफ के करियर का सबसे शानदार वर्ष साबित हुआ। उन्होंने उस साल 11 टेस्ट मैचों में 9 शतक लगाए और कुल 1788 रन बनाए। उनके बल्ले से तीन अर्धशतक भी निकले। पूरे साल उन्होंने लगभग हर सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की और दुनिया के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में अपनी जगह मजबूत की।
1788 रन और 9 टेस्ट शतकों का उनका रिकॉर्ड आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा शतकों और सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल है। इतने लंबे समय बाद भी कोई बल्लेबाज इस उपलब्धि को पार नहीं कर सका है।
रिकी पोंटिंग भी रहे शानदार फॉर्म में
ऑस्ट्रेलिया के महान कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी 2006 में शानदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने 10 टेस्ट मैचों में 7 शतक और 4 अर्धशतक लगाए। उस साल उन्होंने 1333 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया की कई महत्वपूर्ण जीत में अहम भूमिका निभाई।
पोंटिंग की बल्लेबाजी उस दौर में तकनीक, आक्रामकता और निरंतरता का बेहतरीन उदाहरण मानी जाती थी। हालांकि वे यूसुफ के रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच पाए, लेकिन एक साल में सात टेस्ट शतक लगाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
विव रिचर्ड्स का 1976 का स्वर्णिम साल
वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स ने 1976 में ऐसा प्रदर्शन किया जिसे क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाजी वर्षों में गिना जाता है। उन्होंने 11 टेस्ट मैचों में 7 शतक और 5 अर्धशतक लगाए। उस साल उनके बल्ले से 1710 रन निकले।
रिचर्ड्स की आक्रामक बल्लेबाजी ने दुनिया भर के गेंदबाजों को परेशान किया। उस दौर में हेलमेट का सीमित इस्तेमाल होता था, फिर भी उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ निडर बल्लेबाजी करते हुए कई यादगार पारियां खेलीं।
एक साल में सबसे ज्यादा टेस्ट शतक
एक नजर उन बल्लेबाजों पर जिन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा टेस्ट शतक लगाए:

