श्रीनगर फिल्म फेस्टिवल में हुआ वंदे मातरम् का गायन
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का श्रीनगर फिल्म फेस्टिवल के दौरान वंदे मातरम् गाते हुए वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण गाया गया। इस दौरान उमर अब्दुल्ला करीब तीन मिनट से अधिक समय तक खड़े रहे और उन्होंने पूरे गायन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उनके पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे।
उमर अब्दुल्ला के इस तरह पूरे वंदे मातरम् के गायन का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस का रुख ऐतिहासिक घटनाक्रम और देश की बहुलतावादी परंपरा को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है।
कांग्रेस ने पुराने फैसलों का दिया हवाला
केसी वेणुगोपाल ने अपने बयान में स्वतंत्रता आंदोलन के कई प्रमुख नेताओं का उल्लेख किया। उन्होंने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, आचार्य नरेंद्र देव, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजिनी नायडू और जे.बी. कृपलानी जैसे नेताओं के विचारों और उस समय लिए गए निर्णयों का हवाला दिया।
कांग्रेस महासचिव का कहना है कि वंदे मातरम् के गायन को लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में एक विशेष समझ विकसित हुई थी। पार्टी इसी ऐतिहासिक और सर्वसमावेशी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की बात कर रही है। उन्होंने अपने सहयोगी दलों से भी अपील की कि वे स्वतंत्रता सेनानियों की सोच और उस समय लिए गए फैसलों का सम्मान करें।
स्वीकृत संस्करण के समर्थन की बात
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि वंदे मातरम् के उस संस्करण का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, जिसे उस दौर के राष्ट्रीय नेताओं ने स्वीकार किया था। पार्टी का तर्क है कि भारत की विविधता और सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की भावना को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया था।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर वंदे मातरम् के संस्करण और उसके सार्वजनिक गायन को लेकर राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। एक तरफ उमर अब्दुल्ला के कार्यक्रम में पूरे गीत के गायन को लेकर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अपने ऐतिहासिक रुख को स्पष्ट कर रही है।
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
मामले को लेकर बीजेपी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला है। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय महत्व के गीत को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर अपने सहयोगियों के खिलाफ अलग रुख अपनाने और दबाव की राजनीति के आरोप भी लगाए गए।
फिलहाल उमर अब्दुल्ला के वंदे मातरम् गायन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। फिल्म फेस्टिवल का एक सांस्कृतिक कार्यक्रम अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अलग-अलग दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

