नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों पर जारी उपचुनाव की मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी की नेता स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चुनावी रुझानों को लेकर खुशी जाहिर की और कहा कि लोकतंत्र ने एक बार फिर भीड़तंत्र को जवाब दिया है। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम के चुनावी रुझानों का जिक्र करते हुए मतदाताओं का आभार जताया। साथ ही कांग्रेस पर भी निशाना साधा और उसके नेतृत्व के बयानों तथा राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाए।
पश्चिम बंगाल और असम के चुनावी रुझानों पर क्या बोलीं?
स्मृति ईरानी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की कुछ सीटों पर बीजेपी का प्रदर्शन पार्टी के लिए उत्साहजनक है। उन्होंने नंदीग्राम में पार्टी की जीत की ओर बढ़ने और रेजीनगर में आगे रहने का उल्लेख किया। उन्होंने खास तौर पर रेजीनगर सीट का जिक्र करते हुए कहा कि वहां अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं की बड़ी हिस्सेदारी होने के बावजूद पार्टी के पक्ष में रुझान सामने आ रहे हैं।
उन्होंने असम के नगांव में मतगणना के रुझानों का भी उल्लेख किया और कहा कि वहां के शुरुआती आंकड़े पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। हालांकि, मतगणना के रुझान और अंतिम चुनाव परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी सीट पर जीत की स्थिति की पुष्टि अंतिम नतीजों के आधार पर ही होती है।
स्मृति ईरानी ने राज्यसभा चुनावों में बीजेपी उम्मीदवारों की जीत और पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रतिनिधि की सफलता पर भी खुशी जाहिर की। उन्होंने संबंधित राज्यों के मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
‘लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को दिया जवाब’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होता है। उनके मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया के जरिए मतदाता अपनी पसंद जाहिर करते हैं और लोकतंत्र की मजबूती इसी में है कि जनता को अपनी राय व्यक्त करने का अवसर मिले।
उनके इस बयान को पश्चिम बंगाल में चुनावी रुझानों और राजनीतिक माहौल के संदर्भ में देखा जा रहा है। बीजेपी नेता ने पार्टी के प्रदर्शन को सुशासन के वादे से जोड़ते हुए कहा कि मतदाताओं का समर्थन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस के बयान पर भी साधा निशाना
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए 15 जनवरी 2025 के एक बयान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी के खिलाफ लड़ाई के बजाय भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ाई की बात कही थी।
बीजेपी नेता ने इस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाएं लोकतंत्र को स्थापित करने, उसकी रक्षा करने और उसे मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके मुताबिक, ऐसी संस्थाओं को लेकर राजनीतिक नेताओं के बयानों पर चर्चा होनी चाहिए।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्मृति ईरानी ने महिला सुरक्षा से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सांसद पर छात्राओं की ओर से शिकायतें की गई थीं और इस मामले में आंतरिक समिति की जांच का जिक्र भी किया। उन्होंने सवाल उठाया कि संबंधित मामले में कांग्रेस नेतृत्व की ओर से क्या कार्रवाई की गई।
उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक दलों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल नारे देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्रवाई भी जरूरी है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों और संबंधित मामले के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
कुल मिलाकर, स्मृति ईरानी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी रुझानों के साथ-साथ कांग्रेस पर राजनीतिक हमला भी प्रमुख रहा। अंतिम चुनाव परिणाम आने के बाद ही संबंधित सीटों पर जीत-हार की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

