3 Mar 2026, Tue

ईरान ने कई देशों में बरसाईं मिसाइलें, इधर पीएम मोदी की अध्यक्षता में CCS की बैठक, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में रविवार देर रात कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके भारत पर संभावित प्रभावों की व्यापक समीक्षा की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, ईरान द्वारा अपने पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमलों के बाद हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। 28 फरवरी को ईरान में हुए एयर स्ट्राइक और उसके बाद बढ़ी हिंसा, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात, कतर और बहरीन जैसे गल्फ देशों में हमले शामिल हैं, पर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman समेत समिति के अन्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शीर्ष अधिकारियों ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात, संभावित सुरक्षा चुनौतियों और भारत के सामरिक एवं आर्थिक हितों पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी।

सीसीएस ने खास तौर पर गल्फ देशों में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर चिंता व्यक्त की। खाड़ी क्षेत्र में लाखों भारतीय कामकाज और व्यवसाय से जुड़े हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता बताया गया। समिति ने संबंधित मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए सभी आवश्यक और संभव कदम उठाए जाएं।

इसके अलावा, इस संकट का असर क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों, व्यापारिक मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिस पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है, इसलिए वहां की अस्थिरता का सीधा प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

सीसीएस ने भारतीय यात्रियों और उन छात्रों की समस्याओं पर भी चर्चा की, जिन्हें निर्धारित परीक्षाओं या अन्य आवश्यक कारणों से इस क्षेत्र की यात्रा करनी है। सरकार ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और आवश्यक परामर्श जारी करने की बात कही है।

बैठक में यह भी दोहराया गया कि क्षेत्र में बढ़ती दुश्मनी को जल्द समाप्त कर बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटना बेहद जरूरी है। भारत ने हमेशा शांति, स्थिरता और संवाद का समर्थन किया है और इस संकट में भी संतुलित और जिम्मेदार रुख अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने दो दिवसीय दौरे से लौटने के तुरंत बाद इस उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है। सीसीएस देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है और इस बैठक को क्षेत्रीय हालात के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है।

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