ईरान-अमेरिका युद्ध: F-35 जेट पर हमले का दावा, अमेरिका ने बताया ‘झूठ’
तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच Iran और United States के बीच तनाव और बढ़ गया है। जंग के 27वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के अत्याधुनिक F-35 Lightning II फाइटर जेट को निशाना बनाया है। हालांकि अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
ईरान की ओर से यह दावा ऐसे समय आया है जब उसने इससे पहले अमेरिकी F/A-18 Super Hornet को मार गिराने की बात कही थी। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उस हमले से जुड़ा एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें एक जेट पर मिसाइल से हमला होता दिखाया गया था। हालांकि वीडियो में जेट के क्रैश होने की स्पष्ट पुष्टि नहीं हो पाई थी।
ईरान का नया दावा क्या है?
ताजा बयान में ईरान ने कहा है कि उसने दूसरी बार F-35 जेट को निशाना बनाया है और उसे नुकसान पहुंचाया है। ईरान का दावा है कि यह हमला उसके स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए किया गया। इससे पहले भी ईरान F-16 और F-15 जैसे अमेरिकी फाइटर जेट्स को मार गिराने के दावे कर चुका है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के अधिकारियों का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है और वह दुश्मन के अत्याधुनिक विमानों को भी चुनौती देने में सक्षम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दावों के जरिए ईरान अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करना चाहता है।
अमेरिका ने किया खंडन
दूसरी ओर United States Central Command (CENTCOM) ने ईरान के सभी दावों को “पूरी तरह गलत” बताया है। अमेरिका का कहना है कि उसके किसी भी फाइटर जेट को न तो नुकसान पहुंचा है और न ही कोई विमान गिराया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान की ओर से जारी वीडियो और बयान “प्रचार” का हिस्सा हो सकते हैं। उनका कहना है कि जंग के दौरान इस तरह की सूचना युद्ध (इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर) आम बात है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावों से माहौल को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।
सूचना युद्ध भी तेज
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा संघर्ष सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि सूचना और प्रचार के स्तर पर भी दोनों देशों के बीच कड़ी टक्कर चल रही है। ईरान जहां अपने एयर डिफेंस सिस्टम की ताकत दिखाना चाहता है, वहीं अमेरिका इन दावों को खारिज कर अपनी तकनीकी बढ़त को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
जंग का बढ़ता दायरा
Israel के साथ अमेरिका की साझेदारी में जारी इस युद्ध का असर अब पूरे क्षेत्र पर पड़ रहा है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाइयों से हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसका असर साफ नजर आ रहा है।
कुल मिलाकर, F-35 जैसे अत्याधुनिक विमान पर हमले के दावे ने इस संघर्ष को और संवेदनशील बना दिया है। हालांकि सच्चाई क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि युद्ध के साथ-साथ “सूचना की लड़ाई” भी उतनी ही तीव्र होती जा रही है।

