मिडिल-ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने कूटनीतिक मोर्चे पर नरमी का संकेत देते हुए मुस्लिम देशों के लिए एक बड़ा संदेश जारी किया है। ईद के मौके पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस्लामिक देशों को एकता, भाईचारे और आपसी सहयोग का आह्वान किया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और अमेरिका-इजरायल के साथ संघर्ष को 22 दिन हो चुके हैं।
तेहरान से जारी अपने संदेश में पेजेश्कियन ने कहा कि इस्लामिक देश और पड़ोसी राष्ट्र ईरान के भाई हैं और उनका आपस में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि मुस्लिम देशों के बीच मतभेदों का फायदा केवल “ज़ायोनी ताकतें” उठा रही हैं। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे आपसी एकजुटता बनाए रखें और बाहरी शक्तियों के प्रभाव से बचें। ईद-उल-फित्र के अवसर पर उन्होंने दुआ की कि इस्लामिक दुनिया एकजुट होकर शांति और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़े।
यह संदेश केवल धार्मिक शुभकामना नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत भी माना जा रहा है। दरअसल, पिछले तीन हफ्तों से जारी युद्ध में ईरान को सैन्य और नेतृत्व स्तर पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष नेताओं की मौत के बाद ईरान की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इसके बावजूद ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है।
पेजेश्कियन ने अपने संदेश में अमेरिका और इजरायल पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतें मुस्लिम देशों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही हैं और इस स्थिति में आपसी एकता बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है और किसी भी तरह का संघर्ष नहीं चाहता।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान क्षेत्रीय कूटनीति को मजबूत करने की दिशा में एक कदम हो सकता है। मिडिल-ईस्ट के कई देश इस समय युद्ध के असर से जूझ रहे हैं, जहां तेल आपूर्ति, व्यापार और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। ऐसे में ईरान का यह संदेश उन देशों को साथ लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जो अभी तक इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल नहीं हुए हैं।
हालांकि, जमीनी स्तर पर हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। इजरायल और अमेरिका की ओर से लगातार हमले जारी हैं, वहीं ईरान भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए जवाब दे रहा है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार शांति की अपील कर रहा है, लेकिन फिलहाल युद्ध के खत्म होने के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
कुल मिलाकर, ईद के मौके पर आया यह संदेश जहां एक ओर शांति और भाईचारे की बात करता है, वहीं दूसरी ओर यह भी दर्शाता है कि ईरान कूटनीतिक स्तर पर समर्थन जुटाने की कोशिश में लगा हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह अपील मिडिल-ईस्ट में तनाव कम करने में कोई भूमिका निभा पाती है या नहीं।

