Israel US Iran War: ईरान-इजरायल संघर्ष तेज, 25 से ज्यादा की मौत, मिसाइल और ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जहां ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष में अमेरिका की भी सक्रिय भूमिका सामने आई है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान पर किए गए हमलों में 25 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यह संघर्ष अब और भी गंभीर रूप लेता जा रहा है।
अमेरिका और इजरायल के हमले
Israel और United States की ओर से ईरान पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों ने हालात को और बिगाड़ दिया है। इन हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की शुरुआत की।
राजधानी तेहरान में कई जगहों पर विस्फोट की खबरें सामने आई हैं, जहां धुएं के गुबार ने पूरे शहर को प्रभावित किया है। इन हमलों में कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई ईरान को “बहुत पीछे” धकेल सकती है।
ईरान का पलटवार
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए Strait of Hormuz के आसपास और इजरायल के कुछ क्षेत्रों में मिसाइलें दागी हैं।
इन हमलों में इजरायल के उत्तरी शहर हाइफा को भी निशाना बनाया गया, जहां एक रिहायशी इमारत के मलबे से 4 लोगों के शव बरामद किए गए।
साथ ही, खाड़ी देशों जैसे कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने अपनी एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दी है ताकि आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोका जा सके।
तेहरान में तबाही
ईरान की राजधानी तेहरान में भी बड़े नुकसान की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें Sharif University of Technology भी शामिल है, जिसे हमलों में निशाना बनाया गया।
इस हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है।
युद्ध और शांति की कोशिशें
इस बीच, अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थ 45 दिनों के संभावित सीजफायर पर चर्चा कर रहे हैं।
शांति वार्ता के जरिए संघर्ष को रोकने और स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। एक नया प्रस्ताव भी सामने आया है, जो संघर्ष विराम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बढ़ता मानवीय संकट
इस युद्ध में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संघर्ष में कुल मिलाकर 1,900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
लेबनान में इजरायल के जमीनी हमले के कारण 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। वहीं, खाड़ी देशों में भी कई नागरिकों की जान गई है।
स्थिति गंभीर, क्षेत्र में तनाव जारी
Iran और इजरायल के बीच यह संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसमें अमेरिका की भूमिका ने हालात को और जटिल बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो यह युद्ध और बड़े स्तर पर फैल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
मध्य पूर्व में जारी यह संघर्ष वैश्विक शांति के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। जहां एक तरफ मिसाइल और ड्रोन हमलों से तबाही मच रही है, वहीं दूसरी तरफ शांति की कोशिशें भी जारी हैं।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या यह युद्ध बातचीत के जरिए रुक पाएगा या यह और भी भयानक रूप लेगा।

