महिला टी20 एशिया कप 2026 में भारतीय टीम ने हांगकांग चाइना के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले में टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने मुकाबले को एकतरफा बना दिया। मंधाना ने 124 रनों की शानदार शतकीय पारी खेलते हुए कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। हालांकि ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने के बाद भी मंधाना का ध्यान रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि टीम की जीत पर रहा।
ग्रुप-ए के मुकाबले में भारतीय टीम ने हांगकांग चाइना को 137 रनों के बड़े अंतर से हराया। इस जीत में स्मृति मंधाना की पारी सबसे बड़ा आकर्षण रही। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 124 रन बनाए और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
रिकॉर्ड टूटने की जानकारी नहीं थी
अपनी शतकीय पारी के दौरान मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने का बड़ा मुकाम हासिल किया। इसके अलावा तीनों फॉर्मेट को मिलाकर सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाली महिला बल्लेबाज बनने की उपलब्धि भी उनके नाम हो गई।
इतने बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने के बावजूद मंधाना ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनकी पारी के दौरान कौन-कौन से रिकॉर्ड बन रहे हैं। उनका पूरा ध्यान अपनी बल्लेबाजी और टीम को जीत दिलाने पर था।
मंधाना के मुताबिक उनके लिए यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि टीम कितने मुकाबले जीतती है। रिकॉर्ड बनना और टूटना क्रिकेट का हिस्सा है, लेकिन देश के लिए हासिल की गई जीत और महत्वपूर्ण मुकाबलों की याद हमेशा ज्यादा खास रहती है।
10 हजार रन का भी नहीं देखा था सपना
मंधाना ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 हजार रन के आंकड़े तक पहुंचेंगी और उसके बाद भी आगे बढ़ती रहेंगी। उनके लिए यह उपलब्धि बेहद खास है, लेकिन वह अभी अपने करियर में आगे के वर्षों पर ध्यान देना चाहती हैं।
करीब 30 साल की उम्र में मंधाना ने संकेत दिया कि उनके पास अभी क्रिकेट खेलने के लिए काफी समय है। ऐसे में आने वाले वर्षों में उनके बल्ले से कई और बड़ी पारियां देखने को मिल सकती हैं।
मिताली राज को बताया प्रेरणा
महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के रिकॉर्ड को अपने नाम करने के बाद मंधाना ने पूर्व कप्तान मिताली राज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनका और उनकी पीढ़ी की कई खिलाड़ियों का बचपन मिताली को खेलते हुए देखने में बीता है। मिताली उनके लिए एक बड़ी प्रेरणा और आदर्श रही हैं।
मिताली ने भी रिकॉर्ड टूटने के बाद मंधाना को बधाई दी और उनके सफर की तारीफ की। उन्होंने युवा खिलाड़ी से भारतीय क्रिकेट की प्रमुख बल्लेबाज बनने तक मंधाना के विकास को शानदार बताया।
स्मृति मंधाना की 124 रन की पारी ने न सिर्फ भारतीय टीम को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि महिला क्रिकेट में उनके कद को भी और ऊंचा कर दिया। रिकॉर्ड उनके नाम जरूर दर्ज हो गए हैं, लेकिन मंधाना की सोच अब भी वही है—लगातार रन बनाना और टीम को जीत दिलाना।

