11 Mar 2026, Wed

इजरायल पर हमले में मिसाइलों के वारहेड में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहा ईरान, IDF का सनसनीखेज दावा

इजरायल का बड़ा आरोप: ईरान मिसाइलों में कर रहा क्लस्टर बम का इस्तेमाल, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच Israel Defense Forces (आईडीएफ) ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इजरायल का दावा है कि Iran ने इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों में क्लस्टर बम वाले वारहेड का इस्तेमाल किया है। आईडीएफ के अनुसार हाल के दिनों में Israel पर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों में इस तरह के खतरनाक हथियार लगाए गए थे।

इजरायली सेना का कहना है कि अब तक ईरान की ओर से करीब 300 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं, जिनमें से कम से कम आधी मिसाइलों में क्लस्टर बम वारहेड लगाए गए थे। इस दावे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।

क्या होते हैं क्लस्टर बम?

क्लस्टर बम ऐसे हथियार होते हैं जो हवा में फटकर कई छोटे-छोटे बमों में बंट जाते हैं। इन छोटे बमों को सब-म्यूनिशन कहा जाता है, जो बड़े क्षेत्र में फैलकर भारी तबाही मचा सकते हैं।

जानकारों के मुताबिक, एक क्लस्टर बम वारहेड हवा में फटने के बाद दर्जनों छोटे विस्फोटक गिराता है, जो कई किलोमीटर के इलाके में बेतरतीब तरीके से फैल जाते हैं। इससे सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक इलाकों को भी बड़ा नुकसान हो सकता है।

हालांकि 2008 में हुए Convention on Cluster Munitions के तहत इन हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की कोशिश की गई थी, लेकिन इजरायल, ईरान और United States जैसे कई देश इस संधि के हस्ताक्षरकर्ता नहीं हैं।

मिसाइल हमले में बड़ा धमाका

आईडीएफ के अनुसार मंगलवार को दागी गई अधिकांश मिसाइलों को इजरायल की एयर डिफेंस प्रणाली ने रोक लिया था। हालांकि एक बड़ी मिसाइल Beit Shemesh के पास खुले इलाके में गिरकर फट गई।

इस मिसाइल में कथित तौर पर क्लस्टर बम वारहेड लगाया गया था। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इससे आसपास के इलाके में भारी दहशत फैल गई।

ईरान के हमलों में 12 लोगों की मौत

इजरायली स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में अब तक 12 इजरायली नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 2000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

यह संघर्ष तब और तेज हो गया जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर संयुक्त हमले शुरू किए। इसके जवाब में ईरान ने पूरे क्षेत्र में मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी हमले किए।

हिजबुल्लाह पर भी कार्रवाई

इजरायली सेना ने Hezbollah से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। आईडीएफ ने लेबनान में कई स्थानों पर हवाई हमले किए, जहां कथित तौर पर संगठन के वित्तीय और सैन्य ढांचे से जुड़े ठिकाने मौजूद थे।

इजरायल ने यह भी दावा किया कि उसने लेबनान के ज्वाया इलाके में हिजबुल्लाह के “नस्सर यूनिट” के कमांडर Hassan Salameh को सटीक हमले में मार गिराया है।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर

इस संघर्ष का असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है। खासकर Strait of Hormuz के आसपास स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है।

माना जा रहा है कि यदि यह टकराव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

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