पंजाब के जालंधर जिले में पुलिस कार्रवाई के दौरान बड़ा विवाद हो गया, जिसमें गोली लगने से 23 वर्षीय वांटेड आरोपी लवप्रीत उर्फ लवी की मौत हो गई। यह घटना मेहतपुर थाना क्षेत्र के बंगीवाल गांव की बताई जा रही है। मामले के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लवप्रीत को पकड़ने के लिए टीम गांव में रेड करने पहुंची थी। उसके खिलाफ 5 जनवरी को धारा 307 सहित कई धाराओं में मामला दर्ज था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। लवप्रीत पर कुल 9 लोगों के खिलाफ दर्ज केस में वांटेड होने का आरोप था।
रेड के दौरान पुलिस और परिजनों में झड़प
एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के मुताबिक, शुक्रवार को एसएचओ अमन सैनी को सूचना मिली थी कि लवप्रीत अपने घर आया हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गांव में घेराबंदी कर रेड की।
इस दौरान आरोपी को बचाने के लिए उसके परिजनों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान तेजधार हथियारों और डंडों से पुलिस टीम पर हमला किया गया, जिसमें एसएचओ और उनका गनमैन घायल हो गए।
स्थिति बिगड़ने पर हुई फायरिंग
पुलिस के अनुसार, भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गनमैन ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इस दौरान दो गोलियां लवप्रीत की टांग में लग गईं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद घायल लवप्रीत को पुलिस कस्टडी में अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन परिजनों ने बीच रास्ते में भी विरोध किया। बाद में उसे नकोदर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों के विरोध के बीच अस्पताल पहुंचाया गया
पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान मां और बहन समेत अन्य परिजनों ने आरोपी को अस्पताल ले जाने का भी विरोध किया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। काफी मशक्कत के बाद उसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

