1 Jun 2026, Mon

आरसीबी ने जिसे कर दिया रिलीज, नहीं ​किया रिटेन, उसने वापस आते ही बनाई हिस्ट्री

बेंगलुरु: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इतिहास में कई प्रेरणादायक कहानियां देखने को मिली हैं, लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के कप्तान Rajat Patidar की कहानी उन चुनिंदा सफरों में शामिल हो गई है, जिसने क्रिकेट प्रेमियों को प्रभावित किया है। जिस खिलाड़ी को कभी फ्रेंचाइजी ने अपनी टीम से रिलीज कर दिया था, उसी ने आगे चलकर आरसीबी को लगातार दो बार आईपीएल चैंपियन बनाकर इतिहास रच दिया।

आरसीबी वर्षों तक अपने पहले आईपीएल खिताब का इंतजार करती रही। टीम की कप्तानी लंबे समय तक Virat Kohli ने संभाली, जबकि बाद में Faf du Plessis को भी नेतृत्व की जिम्मेदारी दी गई। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद टीम ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हो पाई। लेकिन रजत पाटीदार के नेतृत्व में टीम की किस्मत बदल गई और आरसीबी ने लगातार दो सीजन में खिताब जीतकर नया रिकॉर्ड बना दिया।

रजत पाटीदार का आईपीएल सफर वर्ष 2021 में शुरू हुआ था, जब आरसीबी ने उन्हें 20 लाख रुपये के बेस प्राइस पर टीम में शामिल किया। अपने पहले सीजन में उन्हें केवल चार मैच खेलने का अवसर मिला, जिसमें वे 71 रन ही बना सके। सीमित अवसरों और साधारण प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें अगले सीजन से पहले रिलीज कर दिया।

हालांकि किस्मत ने जल्द ही करवट ली। आईपीएल 2022 के दौरान एक खिलाड़ी के चोटिल होने के बाद रजत पाटीदार को रिप्लेसमेंट के रूप में दोबारा टीम में शामिल किया गया। इस मौके का उन्होंने भरपूर फायदा उठाया और आठ मैचों में 333 रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक और दो अर्धशतक निकले।

सबसे यादगार प्रदर्शन एलिमिनेटर मुकाबले में देखने को मिला, जब उन्होंने Lucknow Super Giants के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेली। इस पारी ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया और आरसीबी के लिए एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में स्थापित कर दिया।

साल 2023 में चोट के कारण वे पूरे सीजन से बाहर रहे, लेकिन 2024 में वापसी करते हुए उन्होंने फिर अपनी उपयोगिता साबित की। उस सीजन में उन्होंने 15 मैचों में 395 रन बनाए और पांच अर्धशतक जड़े। इसके बावजूद उनकी सैलरी 20 लाख रुपये ही रही।

रजत के करियर का सबसे बड़ा मोड़ 2025 में आया। आरसीबी ने उन पर भरोसा जताते हुए 11 करोड़ रुपये की बड़ी रकम खर्च की और उन्हें टीम का कप्तान नियुक्त कर दिया। यह फैसला कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के लिए चौंकाने वाला था। उनकी आईपीएल सैलरी में लगभग 54,000 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी।

हालांकि कप्तान बनने के बाद उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन बेहद विस्फोटक नहीं रहा और उन्होंने 15 मैचों में 312 रन बनाए, लेकिन उनकी नेतृत्व क्षमता ने टीम को नई दिशा दी। उनकी कप्तानी में आरसीबी ने पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीती और 17 साल का लंबा इंतजार खत्म किया।

इसके बाद अगले सीजन में भी टीम ने अपना दबदबा कायम रखा और लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ रजत पाटीदार का नाम आरसीबी के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हो गया है।

रिलीज किए जाने से लेकर टीम को बैक-टू-बैक चैंपियन बनाने तक का रजत पाटीदार का सफर यह साबित करता है कि प्रतिभा, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी खिलाड़ी की कहानी बदल सकती है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

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