नई दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आ रहा है। शिवसेना (UBT) के कई सांसदों के बागी तेवरों ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के सात सांसद अलग गुट बनाकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करने की तैयारी में हैं। इस संभावित कदम को शिवसेना (UBT) के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बागी सांसद दिल्ली में लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर अपने अलग गुट को मान्यता दिलाने की कोशिश कर सकते हैं। इस राजनीतिक हलचल के बीच उद्धव ठाकरे खेमे ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर मांग की है कि किसी भी अलग गुट को मान्यता न दी जाए और पार्टी के अधिकृत नेतृत्व को ही वैध माना जाए।
सूत्रों के मुताबिक, जिन सांसदों के बागी गुट में शामिल होने की चर्चा है उनमें संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल आष्टीकर, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भानुसाहेब वाकचौरे, संजय जाधव और नासिक से सांसद राजाभाऊ वाजे का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। हालांकि, इन नेताओं की ओर से अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
बताया जा रहा है कि ये सांसद दिल्ली में पहले शिवसेना नेता और सांसद श्रीकांत शिंदे के आवास पर बैठक करेंगे। इस बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह समूह औपचारिक रूप से शिंदे गुट के साथ जाता है, तो उद्धव ठाकरे की पार्टी को लोकसभा में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस घटनाक्रम के बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पत्र में मांग की गई है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल सांसदों के किसी भी अलग गुट को मान्यता न दी जाए। साथ ही पार्टी की आधिकारिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है।
उधर, संभावित टूट की खबरों के बीच उद्धव ठाकरे गुट ने अपने सांसदों की बैठक भी बुलाई है। पार्टी की ओर से सभी सांसदों को बैठक में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया गया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी और पार्टी की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
दिल्ली में जारी राजनीतिक गतिविधियों के समानांतर मुंबई में भी माहौल गरमाया हुआ है। उद्धव ठाकरे के निवास ‘मातोश्री’ के बाहर समर्थकों ने बड़े-बड़े पोस्टर लगाए हैं, जिनमें उद्धव ठाकरे, बालासाहेब ठाकरे और आदित्य ठाकरे की तस्वीरें दिखाई गई हैं। पोस्टरों पर लिखा गया है, “हम सदैव ठाकरे के साथ हैं।” इसके जरिए समर्थक यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि शिवसेना की मूल विचारधारा और विरासत ठाकरे परिवार के साथ ही जुड़ी हुई है।
गौरतलब है कि 19 जून को शिवसेना का स्थापना दिवस है। ऐसे में इस तारीख से पहले पार्टी के भीतर बढ़ती हलचल और संभावित टूट महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकती है। अब सभी की निगाहें लोकसभा स्पीकर के रुख और बागी सांसदों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

