शीर्षक: पाकिस्तान-बांग्लादेश तीसरे वनडे में DRS को लेकर विवाद, पाकिस्तान ने मैच रेफरी से की शिकायत
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, लेकिन मैच के अंत में DRS को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस मुकाबले में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 11 रनों से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। हालांकि मैच खत्म होने के बाद पाकिस्तान टीम ने DRS से जुड़े फैसले को लेकर मैच रेफरी से आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।
यह मुकाबला ढाका के शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेला गया था। मैच के आखिरी ओवर में जो घटनाक्रम हुआ, उसने पूरे मुकाबले को चर्चा का विषय बना दिया। पाकिस्तान को जीत के लिए आखिरी दो गेंदों पर 12 रनों की जरूरत थी और क्रीज पर टीम के कप्तान शाहीन अफरीदी मौजूद थे।
बांग्लादेश की ओर से आखिरी ओवर रिशाद हुसैन फेंक रहे थे। ओवर की पांचवीं गेंद उन्होंने लेग साइड की ओर डाली जो पिच पर गिरने के बाद बाहर चली गई। ऑन-फील्ड अंपायर ने इसे तुरंत वाइड करार दे दिया। लेकिन कुछ ही क्षण बाद बांग्लादेश की टीम ने इस गेंद पर LBW के लिए DRS लेने का फैसला कर लिया।
जैसे ही बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने रिव्यू लेने का संकेत दिया, पाकिस्तान टीम के कप्तान शाहीन अफरीदी और अन्य खिलाड़ी इस फैसले से नाराज नजर आए। पाकिस्तानी खिलाड़ियों का मानना था कि इस स्थिति में रिव्यू नहीं लिया जा सकता था और यह नियमों के खिलाफ था।
दरअसल क्रिकेट के नियमों के अनुसार किसी भी टीम को DRS लेने का फैसला तय समय सीमा के भीतर करना होता है और उससे पहले स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर गेंद का रिप्ले नहीं दिखाया जाना चाहिए। पाकिस्तान टीम का आरोप है कि जिस गेंद पर बांग्लादेश ने रिव्यू लिया, उसका रिप्ले पहले ही बड़ी स्क्रीन पर दिखाया जा चुका था।
पाकिस्तान का कहना है कि रिप्ले देखने के बाद ही बांग्लादेश के खिलाड़ियों को यह संकेत मिला कि गेंद का संपर्क बल्ले से हुआ हो सकता है और इसी आधार पर उन्होंने LBW के लिए रिव्यू लेने का फैसला किया। इसके अलावा पाकिस्तानी टीम ने यह भी आरोप लगाया है कि बांग्लादेश को तय 15 सेकंड की समय सीमा के बाद भी रिव्यू लेने की अनुमति दे दी गई।
जब थर्ड अंपायर ने रिप्ले की जांच की तो पाया गया कि गेंद का संपर्क बल्ले से नहीं हुआ था और फैसला LBW के पक्ष में गया। इसके बाद ऑन-फील्ड अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और शाहीन अफरीदी को आउट करार दिया गया। इस फैसले ने मैच की दिशा लगभग तय कर दी।
मैच के बाद पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट ने इस पूरे मामले को लेकर मैच रेफरी नियामुर राशिद से शिकायत दर्ज कराई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने सवाल उठाया है कि ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना ने ऐसी स्थिति में बांग्लादेश को रिव्यू लेने की अनुमति क्यों दी।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम का मानना है कि अगर नियमों का सही तरीके से पालन किया जाता तो यह रिव्यू स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था। वहीं इस विवाद के बाद क्रिकेट जगत में भी DRS के नियमों और उनके पालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि इस विवाद के बावजूद बांग्लादेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 11 रनों से जीत लिया और तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मैच रेफरी इस शिकायत पर क्या फैसला लेते हैं।

