24 Apr 2026, Fri

आखिर कौन है अबू आला अल-वालाई? अमेरिका ने रखा है 94 करोड़ रुपये का इनाम

अबू आला अल-वालाई पर अमेरिका का बड़ा ऐलान: 10 मिलियन डॉलर का इनाम, जानिए कौन है यह इराकी मिलिशिया नेता

वॉशिंगटन से एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय अपडेट सामने आया है, जहां अमेरिका ने इराकी मिलिशिया संगठन कताइब सैय्यिद अल-शुहादा (KSS) के प्रमुख अबू आला अल-वालाई उर्फ हाशिम फिनयान रहीम अल-सराजी पर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 94 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित किया है।

अमेरिकी विदेश विभाग के “रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस” कार्यक्रम के तहत यह घोषणा की गई है। इसके तहत कहा गया है कि अल-सराजी के बारे में जानकारी देने वाले को भारी इनाम के साथ-साथ सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की सुविधा भी दी जा सकती है।


कौन है अबू आला अल-वालाई?

अबू आला अल-वालाई, जिसे हाशिम फिनयान रहीम अल-सराजी के नाम से भी जाना जाता है, इराक का एक प्रभावशाली मिलिशिया नेता है। वह ईरान समर्थित संगठन KSS (कताइब सैय्यिद अल-शुहादा) का प्रमुख है।

अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का आरोप है कि यह संगठन इराक और सीरिया में कई हमलों में शामिल रहा है और ईरान समर्थित नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।


अमेरिका के आरोप क्या हैं?

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार KSS के लड़ाके और नेता इराकी नागरिकों पर हमले, अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाने और इराक-सीरिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों में शामिल रहे हैं।

इन्हीं गतिविधियों के कारण अमेरिका ने अल-सराजी को एक खतरनाक आतंकवादी नेता घोषित किया है।


आतंकवादी सूची में शामिल

नवंबर 2023 में अमेरिका ने अल-सराजी को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। इसके बाद सितंबर 2025 में KSS को आधिकारिक रूप से Foreign Terrorist Organization (FTO) की सूची में शामिल किया गया, जिससे इस संगठन पर आर्थिक और कानूनी कार्रवाई और अधिक सख्त हो गई।


ईरान से जुड़े होने के आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक KSS को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से वैचारिक और सैन्य समर्थन मिलता है। यह संगठन पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) का हिस्सा भी माना जाता है और इराक में कई अन्य ईरान समर्थित गुटों के साथ मिलकर काम करता है।


क्षेत्र में बढ़ता तनाव

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद इराक और आसपास के क्षेत्र में मिलिशिया गतिविधियां तेज हुई हैं। KSS पर आरोप है कि यह संगठन इराक के साथ-साथ सीरिया और खाड़ी देशों में भी हमलों में शामिल रहा है।

कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि यह समूह ड्रोन और रॉकेट हमलों के जरिए कुर्दिस्तान क्षेत्र और खाड़ी देशों को निशाना बना चुका है।


निष्कर्ष

अबू आला अल-वालाई पर अमेरिका का 10 मिलियन डॉलर का इनाम इस बात का संकेत है कि मध्य-पूर्व में मिलिशिया नेटवर्क और भू-राजनीतिक तनाव अभी भी गंभीर स्थिति में हैं। आने वाले समय में इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

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