4 Aug 2026, Tue

‘अब बर्दाश्त नहीं करूंगी’, मृणाल ठाकुर ने डीपफेक बनाने वालों को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी, शेयर किया पोस्ट

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक सख्त बयान जारी करते हुए डीपफेक कंटेंट बनाने और शेयर करने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उन्होंने अपनी तस्वीर, वीडियो और आवाज का गलत इस्तेमाल किए जाने पर चिंता जताई और स्पष्ट कहा कि इस तरह की गतिविधियां गैरकानूनी और अस्वीकार्य हैं।

मृणाल ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी पहचान का किसी भी रूप में दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ वह कानूनी कदम उठाएंगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से बनाए जा रहे डीपफेक वीडियो और ऑडियो तेजी से बढ़ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर जारी की चेतावनी

अपनी पोस्ट में मृणाल ठाकुर ने लिखा कि उनकी फोटो, वीडियो या आवाज का इस्तेमाल करके डीपफेक कंटेंट तैयार करना और उसे सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर साझा करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने ऐसे लोगों से तुरंत इस तरह की सामग्री हटाने और भविष्य में इसे बंद करने की अपील की।

उन्होंने कहा, “मेरी फोटो या आवाज का इस्तेमाल करके डीपफेक कंटेंट बनाना और शेयर करना गैरकानूनी और अस्वीकार्य है। मैं सभी को चेतावनी दे रही हूं कि इस तरह का कंटेंट तुरंत बंद करें। अगर मेरी पहचान का किसी भी तरह से गलत इस्तेमाल हुआ, तो मैं कानूनी कार्रवाई करूंगी।”

एआई तकनीक और बढ़ती चिंता

पिछले कुछ समय में डीपफेक तकनीक के जरिए कई फिल्मी सितारों, सार्वजनिक हस्तियों और आम लोगों के फर्जी वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इस तकनीक में किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से इस तरह तैयार किया जाता है कि वह वास्तविक जैसा दिखाई देता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डीपफेक तकनीक का गलत इस्तेमाल किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, निजता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

कुछ समय पहले अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का एक कथित डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे फिल्म उद्योग में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई थी। उस समय कई अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं ने डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के खिलाफ कड़े कानून और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

मृणाल ठाकुर का बयान भी इसी बढ़ती चिंता के बीच आया है और इसे डिजिटल सुरक्षा तथा व्यक्तिगत पहचान की रक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

फैंस ने किया समर्थन

मृणाल की पोस्ट पर उनके प्रशंसकों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनका समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि एआई तकनीक का उपयोग रचनात्मक और सकारात्मक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए, न कि किसी की छवि खराब करने या झूठी सामग्री फैलाने के लिए।

कई यूजर्स ने डीपफेक कंटेंट पर सख्त कानूनी कार्रवाई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेहतर निगरानी की भी मांग की।

डिजिटल पहचान की सुरक्षा पर बढ़ी बहस

डीपफेक तकनीक के बढ़ते मामलों ने डिजिटल पहचान और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को अपनी तस्वीरों और वीडियो के ऑनलाइन इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहना चाहिए और किसी भी फर्जी सामग्री की जानकारी संबंधित प्लेटफॉर्म और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देनी चाहिए।

मृणाल ठाकुर का यह कदम उन कई सार्वजनिक हस्तियों की आवाज में जुड़ गया है जो एआई आधारित डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कानून और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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