80 और 90 के दशक में भारतीय टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले पौराणिक धारावाहिकों का प्रभाव इतना गहरा था कि लोग उन किरदारों को असल जिंदगी में भी उसी रूप में देखने लगे थे। बीआर चोपड़ा की ऐतिहासिक टीवी सीरीज ‘महाभारत’ भी उन्हीं शो में से एक थी, जिसने भारतीय दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। इस शो का हर किरदार आज भी लोगों की यादों में जिंदा है, लेकिन एक पात्र ऐसा था जिसे देखते ही दर्शकों के मन में गुस्सा भर जाता था — यह किरदार था ‘दुशासन’ का।
द्रौपदी चीरहरण वाला दृश्य भारतीय टीवी इतिहास के सबसे भावुक और चर्चित दृश्यों में गिना जाता है। उस सीन में द्रौपदी को बाल पकड़कर सभा में घसीटने वाला दुशासन लोगों के लिए नफरत का प्रतीक बन गया था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस दमदार किरदार को निभाने वाले अभिनेता का असली नाम विनोद कपूर है।
अभिनय से बना दिया किरदार अमर
विनोद कपूर ने दुशासन के किरदार को इतने प्रभावशाली तरीके से निभाया कि दर्शक उन्हें असल जिंदगी में भी विलेन समझने लगे थे। उनकी तेज आवाज, गुस्से भरे एक्सप्रेशन और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस ने इस किरदार को यादगार बना दिया।
टीवी इंडस्ट्री में किसी कलाकार के लिए नकारात्मक किरदार निभाना हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन विनोद कपूर ने इस रोल को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। यही वजह थी कि ‘महाभारत’ के बाद उन्हें टीवी जगत में अलग पहचान मिली।
फिल्मों से शुरू किया था करियर
बहुत कम लोग जानते हैं कि विनोद कपूर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्मों से की थी। उन्होंने 1987 में रिलीज हुई फिल्म ‘उत्तर दक्षिण’ और इसके बाद ‘ये प्यार नहीं’ में काम किया था। हालांकि उन्हें असली लोकप्रियता ‘महाभारत’ में दुशासन का किरदार निभाने के बाद मिली।
इस शो की सफलता के बाद उनके पास कई टीवी धारावाहिकों के ऑफर आने लगे।
कई यादगार शोज में किया काम
‘महाभारत’ के बाद विनोद कपूर ने कई लोकप्रिय टीवी शोज में काम किया। उन्होंने बीआर चोपड़ा के मशहूर सीरियल ‘कानून’ में इंस्पेक्टर शक्ति सिंह की भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।
इसके अलावा वे ‘चंद्रकांता’ में बरकत खान और ‘युग’ में रंजीत बासु जैसे किरदारों में भी नजर आए। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल खलनायक ही नहीं, बल्कि सकारात्मक और गंभीर भूमिकाएं भी निभाईं।
‘विभीषण’ बनकर भी जीता दिल
जहां ‘महाभारत’ में उन्होंने क्रूर दुशासन का किरदार निभाया था, वहीं बाद में पौराणिक धारावाहिकों में उन्होंने शांत और समझदार किरदार भी निभाए।
‘विष्णु पुराण’ और 2008 में प्रसारित ‘रामायण’ में उन्होंने विभीषण की भूमिका निभाकर दर्शकों को चौंका दिया। उनकी अभिनय क्षमता का यही सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है कि उन्होंने नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों तरह के किरदारों में अपनी अलग पहचान बनाई।
आज भी एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय
समय के साथ कई पुराने कलाकार इंडस्ट्री से दूर हो जाते हैं, लेकिन विनोद कपूर आज भी अभिनय की दुनिया में सक्रिय हैं। हालांकि वे ग्लैमर और लाइमलाइट से दूरी बनाकर रखते हैं, लेकिन टीवी इंडस्ट्री में लगातार काम कर रहे हैं।
हाल के वर्षों में वे ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’, ‘कामना’ और ‘ध्रुव तारा’ जैसे शोज में नजर आए। वर्तमान समय में भी वे टीवी धारावाहिकों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं।
सादगी भरी जिंदगी जीते हैं अभिनेता
विनोद कपूर उन कलाकारों में शामिल हैं जो स्टारडम से ज्यादा अपने काम को महत्व देते हैं। वे सोशल मीडिया और फिल्मी पार्टियों से दूर रहकर शांत और सादगी भरी जिंदगी जीना पसंद करते हैं।
आज भी लोग उन्हें ‘महाभारत’ के दुशासन के रूप में याद करते हैं, लेकिन असल जिंदगी में वे बेहद शांत और विनम्र स्वभाव के माने जाते हैं।
निष्कर्ष
‘महाभारत’ में दुशासन का किरदार निभाकर विनोद कपूर ने भारतीय टीवी इतिहास में अपनी खास जगह बनाई। उनके अभिनय ने इस किरदार को इतना प्रभावशाली बना दिया कि दशकों बाद भी लोग उन्हें उसी रूप में याद करते हैं। हालांकि समय बदल गया है, लेकिन उनकी एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है।

