T20 वर्ल्ड कप 2026: साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन पर उठे सवाल
T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। अहम मुकाबले में South Africa national cricket team के खिलाफ 76 रन की करारी हार ने भारतीय खेमे में हलचल मचा दी है। इस हार के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उपकप्तान Axar Patel को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के फैसले को लेकर हो रही है।
अश्विन ने जताई नाराजगी
भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर Ravichandran Ashwin ने टीम मैनेजमेंट के इस फैसले पर खुलकर सवाल उठाए हैं। अपने यूट्यूब चैनल Ash Ki Baat पर अश्विन ने कहा कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि इतने अहम मुकाबले में अक्षर पटेल को बाहर क्यों बैठाया गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अक्षर टीम के T20 सेटअप के “MVP” यानी मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर रहे हैं और बड़े मैचों में उनका योगदान नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
वॉशिंगटन सुंदर का प्रदर्शन रहा फीका
सुपर-8 मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ रणनीति के तहत Washington Sundar को प्लेइंग इलेवन में बरकरार रखा। हालांकि यह दांव उल्टा पड़ गया। सुंदर गेंद और बल्ले दोनों से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। उन्होंने दो ओवर में 17 रन दिए और बल्लेबाजी में नंबर-5 पर आकर महज 11 रन बना सके।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टीम संतुलन के लिहाज से अक्षर की मौजूदगी ज्यादा फायदेमंद हो सकती थी, क्योंकि वह गेंदबाजी के साथ-साथ मध्यक्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं।
IPL की रणनीति ICC में नहीं चलेगी
अश्विन ने अपनी बात रखते हुए कहा कि विपक्षी टीम के बल्लेबाजों के आधार पर हर मैच में बदलाव करना Indian Premier League (IPL) में तो चल सकता है, जहां लंबा टूर्नामेंट होता है। लेकिन ICC जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम संयोजन को स्थिर रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लगातार बदलाव से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है।
2024 फाइनल का उदाहरण
अश्विन ने ICC Men’s T20 World Cup 2024 के फाइनल की याद दिलाते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थिति में अक्षर पटेल ने अहम पारी खेली थी और Virat Kohli के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को 170 के पार पहुंचाने में योगदान दिया था। उनका कहना था कि अगर मौजूदा मुकाबले में मध्य ओवरों में स्थिरता मिलती और कुछ विकेट हाथ में रहते, तो भारत लक्ष्य का पीछा कर सकता था।
लगातार दूसरे मैच में बाहर
गौरतलब है कि अक्षर को इससे पहले नीदरलैंड के खिलाफ आराम दिया गया था और फिर सुपर-8 जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले में भी उन्हें मौका नहीं मिला। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में मिली इस हार के बाद चयन पर बहस और तेज हो गई है।
अब भारत का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे से 26 फरवरी को चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में होना है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए यह मैच बेहद अहम होगा। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट अपने फैसले पर कायम रहता है या अक्षर पटेल की वापसी होती है।

