21 Feb 2026, Sat

Video: ‘बाबर के बाप- छत्रपति शिवाजी महाराज,’ आंसर शीट चेक करते समय टीचर को मिली ऐसी चीजें; देखकर यूजर्स Shocked

UP बोर्ड परीक्षा में अजीबो-गरीब जवाब, आंसर शीट में चिपके मिले 100 रुपये के नोट; वीडियो वायरल

लखनऊ। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर उत्तर प्रदेश बोर्ड की कक्षा 12 की समाजशास्त्र परीक्षा की उत्तर पुस्तिका दिखाई गई है। वीडियो में दावा किया गया है कि एक छात्र ने अपनी आंसर शीट में न सिर्फ अजीबोगरीब जवाब लिखे, बल्कि 100 रुपये के कई नोट भी चिपका दिए। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर बहस छेड़ दी है।

यह वीडियो X (पूर्व में ट्विटर) पर @Nher_who नामक हैंडल से साझा किया गया। पोस्ट के कैप्शन में दावा किया गया कि समाजशास्त्र परीक्षा के दौरान छात्र ने उत्तर पुस्तिका में 100 रुपये का नोट चिपकाकर विवादित टिप्पणी लिखी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आंसर शीट में क्या मिला?

वायरल वीडियो में उत्तर पुस्तिका के अलग-अलग पन्नों पर 100 रुपये के नोट चिपके दिखाई दे रहे हैं। कुछ पन्नों पर छात्र ने लिखा—
“सॉरी सर, गलती से छूट गया।”
“चल मेरी कॉपी गुरु के पास, इच्छा होगी वो करेगा पास।”

सबसे ज्यादा चर्चा उस पंक्ति को लेकर हो रही है जिसमें लिखा गया— “बाबर के बाप का नाम, छत्रपति शिवाजी महाराज।” इतिहास के जानकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई, क्योंकि बाबर और छत्रपति शिवाजी महाराज अलग-अलग शताब्दियों के ऐतिहासिक व्यक्तित्व थे।

सोशल मीडिया पर बहस

वीडियो सामने आने के बाद कमेंट सेक्शन में लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने इसे परीक्षा में अनुचित तरीके से पास होने की कोशिश बताया, तो कुछ ने शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताई। एक यूजर ने लिखा, “परीक्षाएं सीखने और ज्ञान परखने के लिए होती हैं, न कि नारों या पैसे के जरिए मूल्यांकन को प्रभावित करने के लिए।”

वहीं, कुछ लोगों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि छात्र समाजशास्त्र की जगह राजनीति की परीक्षा लिख रहा था। हालांकि, कई यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह वीडियो वास्तविक है या किसी ने ध्यान आकर्षित करने के लिए इसे मंचित किया है।

शिक्षा विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आंसर शीट में इस तरह की हरकतें अक्सर परीक्षा तनाव, तैयारी की कमी या मूल्यांकनकर्ता का ध्यान खींचने की कोशिश का परिणाम होती हैं। कभी-कभी छात्र ग्रेस मार्क्स की उम्मीद में भावनात्मक संदेश या नोट तक चिपका देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा प्रणाली में आलोचनात्मक सोच, नैतिक शिक्षा और परीक्षा अनुशासन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत को दर्शाती हैं।

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से इस वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई गई उत्तर पुस्तिका वास्तविक है या नहीं।

सोशल मीडिया के दौर में इस तरह की घटनाएं तेजी से वायरल हो जाती हैं और व्यापक चर्चा का विषय बनती हैं। ऐसे में जरूरी है कि किसी भी दावे को अंतिम सत्य मानने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जाए।

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