2 Apr 2026, Thu

VIDEO: इंडोनेशिया में आया शक्तिशाली भूकंप, 1 की मौत, जारी की गई सुनामी की चेतावनी; जानें कितनी रही तीव्रता

इंडोनेशिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, एक की मौत; सुनामी का अलर्ट जारी

गुरुवार सुबह Indonesia में आए भीषण भूकंप ने व्यापक दहशत फैला दी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी गई, जिसे बेहद शक्तिशाली माना जाता है। भूकंप के तेज झटकों के बाद कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए और तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया।

अमेरिकी एजेंसी United States Geological Survey (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र मोलुका सागर में जमीन से लगभग 35 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। इस गहराई पर आए भूकंप को उथला माना जाता है, जिसके कारण इसके झटके ज्यादा तीव्रता से महसूस किए जाते हैं और नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।

इस प्राकृतिक आपदा में नॉर्थ सुलावेसी प्रांत के Manado शहर में एक इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए हैं। कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचने और बिजली बाधित होने की भी खबरें हैं।

भूकंप के तुरंत बाद सुनामी का खतरा बढ़ गया, जिसके चलते चेतावनी जारी की गई। अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने कहा है कि भूकंप के प्रभाव से आसपास के तटीय क्षेत्रों में खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। विशेष रूप से Molucca Sea के आसपास के द्वीपों और तटीय शहरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

चेतावनी के अनुसार, भूकंप के केंद्र से लगभग 1,000 किलोमीटर के दायरे में कई देशों के तटीय इलाकों में असर पड़ सकता है। इनमें Philippines और Malaysia के समुद्री तट भी शामिल हैं। प्रशासन ने लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने और समुद्र से दूर रहने की अपील की है।

इसी बीच भारत में भी हल्की भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गईं। केंद्र शासित प्रदेश Leh में गुरुवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। National Center for Seismology (NCS) के अनुसार, यह झटके हल्के थे और किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

राष्ट्रीय राजधानी New Delhi के उत्तरी हिस्सों में भी हल्के कंपन महसूस किए गए। हालांकि, इनकी तीव्रता कम होने के कारण अधिकांश लोगों को इसका अहसास नहीं हुआ और कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि इंडोनेशिया भूकंपीय रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, जिसे “रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती रहती हैं।

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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