लखनऊ: उत्तर प्रदेश की Government of Uttar Pradesh ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है। बढ़ती महंगाई के बीच योगी सरकार ने महंगाई भत्ते यानी डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की जगह 60 प्रतिशत डीए मिलेगा। सरकार के इस ऐलान से करीब 16 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा पहुंचने वाला है।
वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। यानी कर्मचारियों को बढ़ी हुई राशि के साथ पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा। अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। कर्मचारियों के लिए यह फैसला ऐसे समय आया है जब लगातार बढ़ती महंगाई से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा था।
सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों की मासिक सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर की जाती है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 35 हजार रुपये है, तो पहले उसे 58 प्रतिशत डीए के हिसाब से 20,300 रुपये मिलते थे। अब 60 प्रतिशत डीए लागू होने के बाद उसे 21 हजार रुपये मिलेंगे। यानी हर महीने लगभग 700 रुपये का अतिरिक्त फायदा होगा। इसके अलावा जनवरी से लागू होने के कारण कई महीनों का एरियर भी एक साथ खाते में आएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों और अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को इससे और बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी एक लाख रुपये या उससे अधिक है, उनकी मासिक आय में 2 हजार से 5 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और घरेलू खर्चों को संभालने में राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार का यह फैसला कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने में भी मदद करेगा। पिछले कुछ समय से कर्मचारी संगठनों की ओर से डीए बढ़ाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के बाद राज्य कर्मचारियों को भी इसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद थी। अब सरकार के फैसले ने उन उम्मीदों को पूरा कर दिया है।
पेंशनभोगियों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा। बढ़े हुए डीए के साथ उनकी मासिक पेंशन में इजाफा होगा। इससे बुजुर्ग पेंशनर्स को महंगाई के दौर में आर्थिक सहारा मिलेगा। राज्य सरकार के इस कदम से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ जरूर बढ़ेगा, लेकिन इसे कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में बड़ा फैसला माना जा रहा है।
आर्थिक जानकारों के अनुसार डीए में बढ़ोतरी का असर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। कर्मचारियों के हाथ में अतिरिक्त पैसा आने से उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा, जिससे बाजार में मांग मजबूत हो सकती है। खासकर त्योहारी सीजन और घरेलू खरीदारी में इसका असर दिखाई देने की संभावना है।
सरकारी कर्मचारियों के बीच इस फैसले को लेकर खुशी का माहौल है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे राहत भरा कदम बताया है। अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि भविष्य में भी सरकार इसी तरह उनकी आर्थिक जरूरतों का ध्यान रखेगी।

