ICC Men’s T20 World Cup 2026 के सुपर-8 चरण में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और सेमीफाइनल की रेस बेहद रोमांचक हो गई है। इंग्लैंड की पाकिस्तान पर रोमांचक जीत ने टूर्नामेंट का गणित पूरी तरह बदल दिया है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि 51 साल के मेन्स वर्ल्ड कप इतिहास (ODI और T20 मिलाकर) में पहली बार सेमीफाइनल में भारत, पाकिस्तान या श्रीलंका में से कोई भी टीम नजर नहीं आएगी।
51 साल का रिकॉर्ड खतरे में
1975 में पहले मेन्स वर्ल्ड कप की शुरुआत के बाद से अब तक कुल 23 ICC मेन्स वर्ल्ड कप (ODI और T20) खेले जा चुके हैं। इन पांच दशकों में एशिया की तीन बड़ी टीमें—India national cricket team, Pakistan national cricket team और Sri Lanka national cricket team—लगातार नॉकआउट चरण में अपनी मौजूदगी दर्ज कराती रही हैं।
इन तीनों टीमों ने मिलकर आठ वर्ल्ड कप खिताब जीते हैं। भारत ने दो ODI और एक T20 वर्ल्ड कप सहित कुल तीन ट्रॉफी अपने नाम की हैं और 13 बार सेमीफाइनल में जगह बनाई है। पाकिस्तान और श्रीलंका भी 13-13 बार अंतिम चार में पहुंच चुके हैं। लगभग हर संस्करण में इन तीनों में से कम से कम एक टीम सेमीफाइनल में जरूर रही है।
लेकिन इस बार तस्वीर अलग नजर आ रही है।
ग्रुप-1: भारत की राह कठिन
ग्रुप-1 में भारत फिलहाल तीसरे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली बड़ी हार से टीम के नेट रन रेट को बड़ा झटका लगा। इसके बाद वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 107 रन से हराकर समीकरण और जटिल कर दिए।
अब भारत को चेन्नई में 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और 1 मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही टीम को यह उम्मीद भी करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका वेस्टइंडीज को हरा दे, ताकि सेमीफाइनल की राह खुल सके।
भारत के लिए अब हर मुकाबला करो या मरो की स्थिति में बदल चुका है।
ग्रुप-2: पाकिस्तान और श्रीलंका पर संकट
ग्रुप-2 में England cricket team लगातार दो जीत के साथ सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर चुका है। वहीं New Zealand national cricket team भी मजबूत स्थिति में है।
अगर न्यूजीलैंड श्रीलंका को हरा देता है, तो श्रीलंका और पाकिस्तान दोनों सुपर-8 से बाहर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में सेमीफाइनल लाइनअप से एशियाई दबदबा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
यह परिदृश्य न केवल क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगा, बल्कि उपमहाद्वीप में आयोजित टूर्नामेंट के लिए भी बड़ा झटका माना जाएगा।
इतिहास दोहराएगा या बनेगा नया रिकॉर्ड?
इससे पहले ICC के व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट में केवल 2006 चैंपियंस ट्रॉफी में ऐसा हुआ था, जब भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका तीनों ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाए थे। हालांकि वर्ल्ड कप के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि इन तीनों में से कोई भी टीम सेमीफाइनल में न पहुंची हो।
अब निगाहें सुपर-8 के बचे हुए मुकाबलों पर टिकी हैं। क्या एशियाई टीमें वापसी कर इतिहास को बचा पाएंगी, या फिर 2026 का टी20 वर्ल्ड कप 51 साल का अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज करेगा?
आने वाले कुछ मैच तय करेंगे कि यह टूर्नामेंट एशियाई वर्चस्व की कहानी दोहराएगा या क्रिकेट इतिहास में एक नया मोड़ लेकर आएगा।

