T20 वर्ल्ड कप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट टीम में बड़े बदलावों की आहट तेज हो गई है। राशिद खान की कप्तानी में टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे न सिर्फ फैंस बल्कि Afghanistan Cricket Board (ACB) भी चिंतित है। अब बोर्ड टीम की संरचना, नेतृत्व और सपोर्ट स्टाफ में व्यापक बदलाव पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
राशिद खान की कप्तानी पर सवाल
दुनिया के बेहतरीन टी20 गेंदबाजों में शुमार Rashid Khan को 2019 में पहली बार टी20 टीम की कमान सौंपी गई थी। हालांकि 2021 टी20 वर्ल्ड कप से पहले चयन विवाद के चलते उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी। बाद में Mohammad Nabi के पद छोड़ने के बाद 2022 में उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी दी गई।
बोर्ड को उम्मीद थी कि राशिद की अगुवाई में टीम ICC और ACC टूर्नामेंट्स में बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगी, लेकिन हालिया नतीजों ने इन उम्मीदों को झटका दिया है। टीम न केवल टी20 वर्ल्ड कप में जल्दी बाहर हुई, बल्कि एशिया कप में भी दूसरे दौर तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में कप्तानी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि बोर्ड ने अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव
टीम के प्रदर्शन के बाद ACB ने मैनेजमेंट में बड़ा फेरबदल शुरू कर दिया है। वर्ल्ड कप से पहले टोबी रैडफोर्ड को बल्लेबाजी कोच बनाया गया था। वहीं, लंबे समय से टीम से जुड़े Jonathan Trott की जगह Richard Pybus को नया हेड कोच नियुक्त किया गया है।
ACB के CEO Naseeb Khan ने कहा कि अगर भविष्य के लिए मजबूत टीम बनानी है तो बदलाव जरूरी हैं। उन्होंने साफ किया कि हेड कोच, बैटिंग कोच और ट्रेनर बदले जा चुके हैं, और टीम के भीतर भी बदलाव संभव हैं।
श्रीलंका सीरीज पर नजर
अफगानिस्तान मार्च में Sri Lanka national cricket team के खिलाफ यूएई में तीन ODI और तीन T20I मैचों की व्हाइट-बॉल सीरीज खेलेगा। T20 मुकाबले शारजाह में 13, 15 और 17 मार्च को होंगे, जबकि ODI मैच दुबई में 20, 22 और 25 मार्च को आयोजित किए जाएंगे।
हालांकि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण सीरीज के आयोजन को लेकर हल्की अनिश्चितता बनी हुई है। ACB का कहना है कि हालात सामान्य रहे तो सीरीज तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी।
भविष्य की तैयारी
ACB अब 2027 और 2028 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर नई रणनीति तैयार कर रहा है। जून में संभावित भारत दौरे से पहले टीम को स्थिर करना बोर्ड की प्राथमिकता है। हाई परफॉर्मेंस सेंटर के लिए भी नई मैनेजमेंट टीम बनाई जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बदलाव केवल सपोर्ट स्टाफ तक सीमित रहेंगे या टीम की कप्तानी भी नए हाथों में जाएगी। आने वाले हफ्तों में अफगान क्रिकेट में बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।

