भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 5 जून को शानदार शुरुआत की। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले से पहले निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जिसके चलते बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी 23,500 के महत्वपूर्ण स्तर के करीब पहुंच गया।
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में उतार-चढ़ाव और सुस्ती का माहौल देखने को मिला था, लेकिन शुक्रवार की सुबह निवेशकों ने जोरदार खरीदारी दिखाई। बाजार खुलते ही BSE Sensex 302.58 अंकों की मजबूती के साथ 74,662.59 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NIFTY 50 86.50 अंकों की बढ़त के साथ 23,503.05 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की नजरें पूरी तरह RBI की मौद्रिक नीति पर टिकी हुई हैं। बाजार को उम्मीद थी कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर संतुलित रुख अपनाएगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिलेगा। इसी उम्मीद ने शुरुआती कारोबार में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और खरीदारी को गति दी।
शेयर बाजार के शुरुआती आंकड़ों पर नजर डालें तो तेजी का दायरा काफी व्यापक रहा। कारोबार की शुरुआत में लगभग 223 शेयर बढ़त के साथ खुले, जबकि केवल 95 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 8 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। यह संकेत देता है कि बाजार का समग्र रुख सकारात्मक बना हुआ है।
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में आज सबसे अधिक हलचल देखने को मिली। Adani Enterprises, Dr. Reddy’s Laboratories, Bajaj Finserv, ICICI Bank और Apollo Hospitals के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर Cipla और Coal India के शेयर शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आए।
आज कुछ खास कंपनियों के शेयर निवेशकों के फोकस में बने हुए हैं। सबसे पहले बात करें InterGlobe Aviation की, जो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो का संचालन करती है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह 1 जुलाई 2026 से हांगकांग, शंघाई, हो ची मिन्ह सिटी, लांगकावी और क्राबी के लिए अपनी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अस्थायी रूप से बंद करेगी। कमजोर मांग और बढ़ती लागत को इसका प्रमुख कारण बताया गया है। इस खबर का असर कंपनी के शेयरों पर देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा HDFC Asset Management Company भी चर्चा में है। कंपनी ने अपने गोल्ड ETF और गोल्ड ETF फंड ऑफ फंड में एकमुश्त निवेश को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया यह कदम निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
फार्मा सेक्टर से जुड़ी Aurobindo Pharma को अमेरिकी नियामक USFDA से टोफैसिटिनिब टैबलेट (5mg और 10mg) के निर्माण और बिक्री की अंतिम मंजूरी मिल गई है। इस सकारात्मक खबर के बाद कंपनी के शेयरों में मजबूती देखने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आ रहा है और बाजार की दिशा अब आगे आने वाले आर्थिक संकेतों तथा केंद्रीय बैंक की नीतियों पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार में तेजी का रुख निवेशकों के लिए उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।

