12 Feb 2026, Thu

Stock Market Highlights: बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 559 अंक लुढ़का, निफ्टी 25,900 से फिसला, ₹3 लाख करोड़ स्वाहा

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर ₹472 लाख करोड़ रह गया, जो पिछले सत्र में ₹475 लाख करोड़ था। यानी महज एक ट्रेडिंग सेशन में निवेशकों की संपत्ति करीब ₹3 लाख करोड़ कम हो गई।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

बीएसई सेंसेक्स 559 अंक यानी 0.66% की गिरावट के साथ 83,674.92 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 147 अंक यानी 0.57% फिसलकर 25,807.20 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे प्रमुख सूचकांक संभल नहीं सके।

विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कुछ बड़े शेयरों में मुनाफावसूली के कारण बाजार पर दबाव देखने को मिला। हालांकि शुरुआती कारोबार में कुछ हद तक स्थिरता दिखी, लेकिन दोपहर बाद बिकवाली तेज हो गई।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा दबाव

केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी कमजोरी साफ नजर आई। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.46% की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.86% की तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में ज्यादा बिकवाली की।

बाजार के जानकारों का कहना है कि हाल के दिनों में बाजार में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली का रुख अपनाया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्याज दरों और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भी घरेलू बाजार पर पड़ा।

किन सेक्टर्स पर दिखा असर?

गिरावट के दौरान आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला। कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स पर नकारात्मक असर पड़ा। हालांकि चुनिंदा डिफेंसिव और एफएमसीजी शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को सीमित सहारा मिला।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश रणनीति बनाए रखनी चाहिए। जिन निवेशकों का पोर्टफोलियो मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर आधारित है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।

हालांकि अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहने और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।

फिलहाल, एक दिन की इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों को झटका जरूर दिया है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव निवेश का स्वाभाविक हिस्सा है। आने वाले सत्रों में बाजार की चाल पर सभी की नजरें रहेंगी।

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