Stock Market Highlights: सेंसेक्स 829 अंक लुढ़का, निफ्टी भी गिरावट के साथ बंद; 30 में से 26 शेयर लाल निशान में
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भी गिरावट का दौर जारी रहा। वैश्विक तनाव और मिडिल ईस्ट में जारी जंग के असर के बीच भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 829.29 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,034.42 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 227.70 अंक यानी 0.95 प्रतिशत फिसलकर 23,639.15 के स्तर पर बंद हुआ।
गुरुवार को बाजार की शुरुआत भी कमजोर रही थी और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में ही खुले थे। पूरे दिन बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके चलते अधिकांश सेक्टरों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों में वैश्विक हालात को लेकर सावधानी का माहौल दिखाई दिया, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा।
अगर सेंसेक्स में शामिल कंपनियों की बात करें तो 30 में से केवल 4 कंपनियों के शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हो पाए, जबकि बाकी 26 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। इसी तरह निफ्टी 50 में भी 50 में से केवल 10 कंपनियों के शेयरों में तेजी रही, जबकि 40 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
हालांकि, बाजार में व्यापक गिरावट के बीच कुछ सेक्टरों में तेजी भी देखने को मिली। खासकर रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी नजर आई। इन कंपनियों के शेयरों में दिनभर खरीदारी का माहौल रहा, जिससे उनमें अच्छी बढ़त देखने को मिली।
सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज्यादा तेजी एनटीपीसी के शेयर में दर्ज की गई। कंपनी का शेयर 2.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं अन्य कुछ चुनिंदा शेयरों में भी मामूली मजबूती देखने को मिली। दूसरी तरफ महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहा और यह 4.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके अलावा कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी देखी गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और जोखिम वाले निवेश से दूरी बना रहे हैं। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, जब तक वैश्विक हालात में स्थिरता नहीं आती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पष्ट रुझान नहीं बनता, तब तक भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार में गिरावट के दौरान अच्छे शेयरों में निवेश के अवसर भी बन सकते हैं।
कुल मिलाकर गुरुवार का कारोबारी सत्र शेयर बाजार के लिए कमजोर रहा, जहां अधिकांश शेयरों में बिकवाली हावी रही। अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र और वैश्विक संकेतों पर टिकी रहेगी, जिससे बाजार की आगे की दिशा तय हो सके।

