Som Pradosh Vrat March 2026: मार्च में पड़ रहे दो सोम प्रदोष व्रत और उनकी पूजा विधि
मार्च 2026 में हिंदू धर्म में दो सोम प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं, जिन्हें विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है। जब प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ता है, तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है और इसे करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अलावा, यह व्रत दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।
मार्च 2026 के सोम प्रदोष व्रत की तारीखें
मार्च में दो सोम प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं:
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पहला सोम प्रदोष व्रत: 16 मार्च 2026
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दूसरा सोम प्रदोष व्रत: 30 मार्च 2026
इन दोनों दिनों में व्रत रखने वाले भक्त प्रदोष काल के दौरान विशेष पूजा करते हैं।
16 मार्च 2026 सोम प्रदोष व्रत मुहूर्त
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प्रदोष पूजा मुहूर्त: 06:30 PM से 08:54 PM
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दिन का प्रदोष समय: 06:30 PM से 08:54 PM
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त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ: 16 मार्च 2026, 09:40 AM
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त्रयोदशी तिथि समाप्त: 17 मार्च 2026, 09:23 AM
30 मार्च 2026 सोम प्रदोष व्रत मुहूर्त
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प्रदोष पूजा मुहूर्त: 06:38 PM से 08:57 PM
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दिन का प्रदोष समय: 06:38 PM से 08:57 PM
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त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ: 30 मार्च 2026, 07:09 AM
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त्रयोदशी तिथि समाप्त: 31 मार्च 2026, 06:55 AM
सोम प्रदोष व्रत की पूजा विधि
सोम प्रदोष व्रत के दिन भक्तों को कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो:
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स्नान और वस्त्र: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
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व्रत संकल्प: स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें और मन को एकाग्र करें।
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शिवलिंग पूजा: शिवलिंग पर जलाभिषेक करें और धूप, दीप, पुष्प अर्पित करें।
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फलाहारी व्रत: दिन भर फलाहारी व्रत रखें। जरूरत पड़ने पर एक समय सात्विक भोजन किया जा सकता है।
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प्रदोष काल पूजा: प्रदोष काल लगने से पहले पुनः स्नान करें। इसके बाद भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें और भोग अर्पित करें।
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कथा और आरती: व्रत की कथा सुनें, शिव जी की आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।
सोम प्रदोष व्रत का महत्व
सोम प्रदोष व्रत को विशेष रूप से फलदायी और शुभ माना जाता है। इसे करने से:
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दांपत्य जीवन में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है।
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सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
निष्कर्ष
मार्च 2026 में आने वाले ये दो सोम प्रदोष व्रत हर भक्त के लिए एक अवसर हैं कि वे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें और अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाएं। व्रत विधिपूर्वक रखने से इसका प्रभाव अधिक मिलता है।
इस व्रत को फलदायी बनाने के लिए स्नान, संकल्प, प्रदोष काल पूजा, फलाहारी व्रत और कथा श्रवण का पालन आवश्यक है। आप भी मार्च में इन दो सोम प्रदोष व्रतों का पालन करके अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद पा सकते हैं।

