शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 500 से अधिक अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की और भारी गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और घरेलू अनिश्चितता के कारण निवेशकों में सतर्कता देखी गई। शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव हावी रहा, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स लगभग 531 अंक गिरकर 77,031 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 150 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 23,843 के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार में कमजोरी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि निफ्टी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे कारोबार कर रहा था।
शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिली। एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), मैक्स हेल्थकेयर, बजाज ऑटो और हिंडाल्को जैसे शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
दूसरी ओर, कुछ बड़े और प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। ये शेयर टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे, जिससे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा।
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कुल 1215 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 1288 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा, 174 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर को लेकर भी निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है। भले ही सीजफायर की घोषणा हो चुकी है, लेकिन इसके प्रभाव को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है, जिसके कारण ट्रेडर्स सतर्क बने हुए हैं।
इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। जब विदेशी निवेशक शेयर बेचते हैं, तो बाजार में कमजोरी देखने को मिलती है, जो आज के कारोबार में साफ नजर आई।
बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि मौजूदा समय में जल्दबाजी में बड़े निवेश निर्णय लेने से बचें। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है। जिन निवेशकों के पास पहले से अच्छे और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर हैं, उन्हें लंबे समय तक निवेश बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर साबित हुआ। वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू दबाव के चलते बाजार में गिरावट देखी गई, और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

