25 फरवरी को घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। सुबह के सत्र में जबरदस्त तेजी के साथ शुरुआत करने वाले बाजार ने निवेशकों को नए रिकॉर्ड की उम्मीद दिलाई, लेकिन दोपहर बाद मुनाफावसूली के दबाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
सुबह की जोरदार शुरुआत, दोपहर में गिरावट
कारोबार की शुरुआत में BSE Sensex और Nifty 50 ने तेज रफ्तार पकड़ी। सेंसेक्स इंट्राडे में 82,957.91 के उच्च स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने 25,652.6 का हाई छुआ। उस समय ऐसा लग रहा था कि बाजार नया रिकॉर्ड बना सकता है।
हालांकि ऊपरी स्तरों पर भारी बिकवाली शुरू हो गई। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से करीब 700 अंक फिसल गया और निफ्टी भी 25,500 के अहम स्तर के नीचे आ गया। अंततः हल्की रिकवरी के साथ सेंसेक्स 50.15 अंक की बढ़त लेकर 82,276.07 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 57.85 अंक चढ़कर 25,482.50 पर बंद हुआ।
बाजार की चौड़ाई कमजोर रही। कुल 1966 शेयरों में बढ़त दर्ज हुई, जबकि 2,064 शेयर गिरावट में बंद हुए, जो संकेत देता है कि बिकवाली का दबाव व्यापक था।
किन शेयरों ने दिया सहारा?
ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों ने बाजार को पूरी तरह टूटने से बचाया।
Bajaj Auto करीब 3% की तेजी के साथ टॉप गेनर रहा।
Tata Steel, HCL Technologies और Shriram Finance में 2% से अधिक की बढ़त रही।
आईटी सेक्टर में
Tata Consultancy Services
Infosys
Wipro
Tech Mahindra
लगभग 1% की बढ़त के साथ बंद हुए।
ऑटो सेक्टर में
Mahindra & Mahindra
Maruti Suzuki
Eicher Motors
में 1-2% की मजबूती देखने को मिली।
किन शेयरों पर रहा दबाव?
दूसरी ओर
ITC Limited
Kotak Mahindra Bank
Tata Consumer Products
1% से अधिक टूटे।
इसके अलावा Bharti Airtel और Oil and Natural Gas Corporation में भी कमजोरी दर्ज की गई।
गिरावट की 3 बड़ी वजहें
ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली – सुबह करीब 0.9% की तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा काटना शुरू कर दिया। निफ्टी 25,800 के ऊपर टिक नहीं पाया, जिससे बिकवाली तेज हुई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली – विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) फिर से नेट सेलर बने, जिससे दबाव बढ़ा। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
तकनीकी रेजिस्टेंस – विशेषज्ञों के अनुसार 25,670 के ऊपर मजबूती नहीं बन पाई। अब 25,300 और 82,000 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। इन स्तरों के टूटने पर गिरावट और गहरी हो सकती है।
कुल मिलाकर, बाजार ने दिनभर के उतार-चढ़ाव के बावजूद हल्की बढ़त के साथ बंद होकर राहत दी, लेकिन ऊपरी स्तरों पर दबाव साफ नजर आया। निवेशकों के लिए आने वाले सत्र में सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखना अहम होगा।

