Russia-Ukraine War: ईस्टर के मौके पर 32 घंटे का युद्धविराम, पुतिन की एकतरफा घोषणा
मॉस्को/कीव: करीब चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यूक्रेन में अचानक 32 घंटे के अस्थायी युद्धविराम की घोषणा कर दी है। इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि यह स्थायी शांति की दिशा में अभी छोटा कदम माना जा रहा है।
ईस्टर के मौके पर लिया गया फैसला
रूस द्वारा यह युद्धविराम ‘ऑर्थोडॉक्स ईस्टर’ के अवसर पर घोषित किया गया है। व्लादिमिर पुतिन ने रूसी सेना को निर्देश दिया है कि निर्धारित 32 घंटों के दौरान यूक्रेन पर कोई हमला न किया जाए।
क्रेमलिन के अनुसार, यह युद्धविराम शनिवार शाम से शुरू होकर रविवार तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान सभी मोर्चों पर शत्रुता रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
जेलेंस्की की अपील का असर
इस कदम को वोलोडिमिर जेलेंस्की की अपील से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने ईस्टर के अवसर पर कुछ समय के लिए संघर्ष रोकने की बात कही थी।
जेलेंस्की ने प्रस्ताव दिया था कि दोनों देश छुट्टियों के दौरान एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे पर हमले बंद करें। इसके बाद रूस की ओर से यह एकतरफा युद्धविराम घोषित किया गया।
अमेरिका के जरिए हुआ संवाद
रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन की ओर से यह प्रस्ताव संयुक्त राज्य अमेरिका के माध्यम से रूस तक पहुंचाया गया था। अमेरिका इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि अभी तक किसी स्थायी समाधान पर सहमति नहीं बन सकी है।
युद्धविराम पर संशय बरकरार
हालांकि यह युद्धविराम एक सकारात्मक पहल है, लेकिन दोनों देशों के बीच अविश्वास अब भी बना हुआ है। पिछले अवसरों पर भी युद्धविराम के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लगाए थे।
क्रेमलिन ने अपने बयान में साफ किया है कि रूसी सेना को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यदि यूक्रेन की ओर से कोई उकसावे वाली कार्रवाई होती है तो उसका जवाब दिया जा सके।
छिटपुट झड़पों की आशंका
युद्धविराम के बावजूद जमीनी स्तर पर पूरी तरह शांति बनी रहेगी, इसकी गारंटी नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में छोटी-मोटी झड़पें जारी रह सकती हैं, जैसा पहले भी देखा गया है।
क्या स्थायी शांति की ओर बढ़ेगा कदम?
रूस-यूक्रेन युद्ध के इस लंबे संघर्ष में यह युद्धविराम भले ही सीमित समय के लिए हो, लेकिन यह कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान कर सकता है।
अगर दोनों पक्ष इस पहल को आगे बढ़ाते हैं, तो भविष्य में व्यापक शांति वार्ता की संभावना भी बन सकती है।
निष्कर्ष
रूस द्वारा घोषित यह 32 घंटे का युद्धविराम मानवीय और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि यह देखना बाकी है कि वोलोडिमिर जेलेंस्की और व्लादिमिर पुतिन के बीच यह पहल स्थायी शांति की दिशा में कितना असर डाल पाती है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस अस्थायी विराम और इसके परिणामों पर टिकी हुई हैं।

